मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यापक प्रदर्शन हुआ। मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में एकत्र हुए।
मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP का शक्ति प्रदर्शन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई के दादर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क के गेट नंबर 6 पर शाम 4 बजे विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
मुंबई पुलिस ने नागरिक अनुमतियों, यातायात व्यवधान और आपातकालीन आवाजाही की चिंताओं का हवाला देते हुए इस जमावड़े की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद, शिवाजी पार्क और दादर स्टेशन के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात रहने के बाद भी प्रदर्शनकारी मौके पर एकत्र हुए। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि यह अभियान देश के विभिन्न शहरों में फैलाया जाएगा और अंततः दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन स्वतंत्र रहेगा और 6 अक्टूबर को होने वाले विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल नहीं होगा।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का एक्शन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रशांत भूषण के आह्वान पर प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेताओं, भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों और छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया।
दिल्ली पुलिस ने धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) लागू कर बिना लिखित अनुमति के 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और धरना देने पर प्रतिबंध लगा दिया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह, संजीव झा और मनीष सिसोदिया के समर्थन वाले प्रदर्शन में शामिल 700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। एसएफआई के लगभग 700 कार्यकर्ताओं को अशोका रोड गोलचक्कर के पास रोक दिया गया, जबकि आप नेता संजय सिंह को नॉर्थ एवेन्यू पर रोका गया।
चुनाव आयोग का पक्ष
SIR प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने अपना रुख साफ किया है। आयोग का कहना है कि तीन सदस्यीय पूर्ण पीठ ने SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं।
