मुजफ्फरपुर के पीयर थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर अभिनंदन कुमार पर रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है। 9 अप्रैल 2026 को वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर FIR दर्ज की गई, जबकि गिरफ्तारी के डर से आरोपी फरार हो गया है।
मुजफ्फरपुर पीयर थाना रिश्वत कांड
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पीयर थाना में तैनात अपर थानेदार (सब इंस्पेक्टर) अभिनंदन कुमार पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।
तिरहुत रेंज के डीआईजी के आदेश पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है। वहीं, गिरफ्तारी के डर से आरोपी फरार बताया जा रहा है।
5 हजार रुपये की घूस मांगने का आरोप
मामले के अनुसार, शत्रुघ्न नामक व्यक्ति अपने भाई सीताराम को छुड़ाने के लिए दरोगा के पास पहुंचा था। सीताराम को शराब पीने के मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने पकड़ा था, लेकिन परिजन को लगा कि पीयर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है।
इसी दौरान एक बिचौलिए राम कुमार के माध्यम से शत्रुघ्न की मुलाकात दरोगा अभिनंदन कुमार से हुई। आरोप है कि दरोगा ने मामले को रफा-दफा करने के नाम पर 5,000 रुपये की घूस मांगी।
बिना गिरफ्तारी के ही ले ली रिश्वत
चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति को पीयर थाना पुलिस ने पकड़ा ही नहीं था, उसे छोड़ने के नाम पर पैसे ले लिए गए।
रिश्वत के इस पूरे लेन-देन का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वर्दीधारी अधिकारी को बिचौलिए के जरिए पैसे लेते हुए देखा गया।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
DIG के आदेश पर FIR दर्ज
तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने मामले में आपराधिक केस दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पीयर थाने में ही आरोपी दरोगा अभिनंदन कुमार और बिचौलिए राम कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई।
यह केस पीड़ित के भाई के बयान के आधार पर दर्ज किया गया है।
