नालंदा जिले में 6 अप्रैल 2026 को NIA और बिहार ATS ने अवैध हथियार तस्करी मामले में संयुक्त छापेमारी की। सुबह 4:45 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन में कम से कम 10 ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जहां से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
लंदा में NIA और ATS की संयुक्त कार्रवाई
पटना: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और बिहार पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने सोमवार को नालंदा जिले में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान कम से कम 10 स्थानों पर छापेमारी की गई।
सुबह तड़के शुरू हुआ ऑपरेशन
यह ऑपरेशन सुबह करीब 4:45 बजे शुरू हुआ, जिसमें कई टीमों ने एक साथ संदिग्धों से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे। कार्रवाई मुख्य रूप से लहेरी, इस्लामपुर और बिहारशरीफ क्षेत्रों में केंद्रित रही।
दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान, जैसे कंप्यूटर और मोबाइल फोन, जब्त किए गए हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक यह अभियान जारी था।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में NIA ने पिछले वर्ष दिसंबर में पटना से कमलकांत वर्मा उर्फ ‘अंकल जी’ को गिरफ्तार किया था, जिसे इस नेटवर्क का अहम सदस्य माना जाता है। यह गिरोह हरियाणा के गन हाउस से अवैध रूप से हथियार लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति करता था।
लहेरी इलाके से मोहम्मद परवेज को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से AK-47 की गोलियों सहित बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ था।
उत्तर भारत तक फैला नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, यह गोला-बारूद पहले उत्तर प्रदेश भेजा जाता था, जहां से बिहार और अन्य राज्यों में इसकी सप्लाई की जाती थी। इस नेटवर्क का विस्तार कई राज्यों तक फैला हुआ है।
पहले भी कई राज्यों में छापेमारी
NIA ने इससे पहले उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में रवि रंजन, शशि प्रकाश, विजय कालरा और कुश कालरा को गिरफ्तार किया गया था, साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था।
जांच में अहम प्रगति
हालिया छापेमारी को NIA की चल रही जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना है।
बिहार STF प्रमुख कुंदन कृष्णन ने पहले ही संकेत दिया था कि वैध गन हाउस से गोला-बारूद को अवैध नेटवर्क की ओर मोड़ा जा रहा है।
अन्य मामले में भी कार्रवाई
इसी बीच, 4 अप्रैल को विशेष NIA अदालत ने दो बांग्लादेशी नागरिकों की हिरासत नौ दिनों के लिए बढ़ा दी। इन्हें मार्च में पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया था और ट्रांजिट रिमांड पर नई दिल्ली लाया गया था।
इन आरोपियों पर बांग्लादेश में एक राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या में शामिल होने का आरोप है। ये लोग मेघालय सीमा के जरिए भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर गए थे और बोंगांव से गिरफ्तार किए गए।
