पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित फुल पेज विज्ञापन में नीतीश कुमार की तस्वीर शामिल किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे जनता के पैसे का दुरुपयोग बताते हुए सरकार की भूमिका पर प्रश्न खड़े किए।
सरकारी विज्ञापन को लेकर तेजस्वी यादव का सवाल
पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विज्ञापन पर सवाल उठाया है। यह विज्ञापन गुरुवार को अखबारों में फुल पेज के रूप में प्रकाशित हुआ, जिसमें नीतीश कुमार (राज्यसभा सांसद) की तस्वीर शामिल थी।
तेजस्वी यादव ने पूछा कि बिहार सरकार किस हैसियत से एक राज्यसभा सांसद की तस्वीर विज्ञापन में प्रकाशित कर सकती है।
जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है, जहां हर व्यक्ति पर औसतन ₹27,000 का कर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में करीब 5 लाख सरकारी कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद “सेलेक्टेड सीएम के राज में राजनीति चमकाने के उद्देश्य से लाखों रुपये का विज्ञापन प्रकाशित कराया गया”, जो राज्यवासियों के पैसे का दुरुपयोग है।
नियमों के उल्लंघन का उठाया मुद्दा
तेजस्वी यादव ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पहले कभी इस तरह किसी राज्यसभा सांसद की तस्वीर सरकारी विज्ञापन में प्रकाशित की गई है। उन्होंने पूछा कि यदि ऐसा नहीं हुआ है, तो क्या यह अदालत के आदेशों का उल्लंघन नहीं है।
