नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2026: अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा ने साइप्रस में चल रहे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के दौरान FIDE के कड़े एंटी-चीटिंग उपायों की आलोचना की। उन्होंने इन्हें “पूरी तरह बेतुका” बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को लगातार स्कैनिंग के कारण “मोसाद एजेंट” जैसा महसूस कराया जा रहा है।
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में FIDE के नियमों पर नाकामुरा की नाराजगी
अमेरिकी शतरंज ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा ने इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) के एंटी-चीटिंग प्रोटोकॉल की आलोचना की है। यह टिप्पणी उन्होंने साइप्रस में चल रहे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के दौरान की, जो इस साल विश्व चैंपियनशिप के लिए डी गुकेश के प्रतिद्वंद्वी का चयन करेगा।
नाकामुरा, जो विश्व में दूसरे स्थान पर हैं, ने इन उपायों को “पूरी तरह बेतुका” बताया।
“मोसाद एजेंट जैसा महसूस होता है”
अपने यूट्यूब चैनल पर नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर जॉन लुडविग हैमर और लक्ज़मबर्ग की विमेन इंटरनेशनल मास्टर फियोना स्टील-एंटोनी के साथ बातचीत में नाकामुरा ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र में लगे स्कैनर और मशीनें खिलाड़ियों को ऐसा महसूस कराती हैं जैसे वे “ईरान के अंदर काम कर रहे मोसाद एजेंट” हों।
उन्होंने कहा, “ओवर-द-बोर्ड चीटिंग और देरी जैसी बातों को लेकर मेरा मानना है कि यह सब बेतुका है।”
कड़ी जांच व्यवस्था पर उठाए सवाल
नाकामुरा ने बताया कि खिलाड़ियों को मैच से पहले और बाद में स्कैन किया जाता है। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरण भी लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इतने उच्च स्तर के टूर्नामेंट में, जहां हर खिलाड़ी पर नजर रखने के लिए अंपायर और कैमरे मौजूद हैं, वहां चीटिंग की संभावना बेहद कम है।
“चिंताएं बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गईं”
नाकामुरा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों में चीटिंग को लेकर जताई जा रही चिंताएं “बढ़ा-चढ़ाकर” पेश की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर FIDE को अलग से कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं समझते।
अन्य खिलाड़ियों की चिंताओं का जिक्र
नाकामुरा ने बताया कि फैबियानो कारुआना ने भी टूर्नामेंट के साइप्रस में आयोजन को लेकर चिंता जताई थी। वहीं भारत की दो बार की वर्ल्ड रैपिड चैंपियन कोनेरू हम्पी ने खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष के कारण टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया।
इसके बावजूद नाकामुरा का मानना है कि इस तरह की चिंताएं वास्तविकता से अधिक बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं।
