चेन्नई: पराणूर टोल प्लाजा पर तमिलनाडु का पहला बैरियर-मुक्त MLFF टोल सिस्टम शुरू

चेन्नई के पास पराणूर टोल प्लाजा पर लगा एनएचएआई का नया बैरियर-मुक्त मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम।

चेन्नई के पास एनएच-179बी के तांबरम-तिंडीवनम खंड स्थित पराणूर टोल प्लाजा पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तमिलनाडु का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) आधारित टोलिंग सिस्टम शुरू किया है। इस बैरियर-मुक्त व्यवस्था से वाहन बिना रुके गुजर सकेंगे, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और यात्रा का समय बचेगा।

चेन्नई के तांबरम-तिंडीवनम खंड (एनएच-179बी) स्थित पराणूर टोल प्लाजा पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तमिलनाडु की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली की शुरुआत की है। देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

बैरियर-मुक्त टोलिंग की आधुनिक तकनीक

एमएलएफएफ (MLFF) प्रणाली के तहत टोल प्लाजा पर बिना बैरियर के टोल संग्रह किया जाएगा। इससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रणाली ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और फास्टैग (FASTag) तकनीक का उपयोग करके काम करती है। यह पहल भारत सरकार के जीवन सुगमता (Ease of Living) और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी

राष्ट्रीय राजमार्गों पर एमएलएफएफ प्रणाली लागू होने से टोल संग्रह में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। टोल प्लाजा पर गाड़ियों की कतारें समाप्त होने से यात्रा समय में बचत होगी, ईंधन की दक्षता बढ़ेगी और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी।

देश भर में चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वयन

एनएचएआई देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर चरणबद्ध तरीके से एमएलएफएफ आधारित टोलिंग लागू कर रहा है। पराणूर से पहले इसे गुजरात में एनएच-48 के सूरत-भरूच खंड पर चोरायासी टोल प्लाजा, दिल्ली-एनसीआर में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 पर मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा, राजस्थान में एनएच-48 के दिल्ली-जयपुर खंड पर शाहजहांपुर, दौलतपुर और मनोहरपुर टोल प्लाजा, तथा हरियाणा में एनएच-44 के पानीपत-जालंधर खंड पर घरौंडा टोल प्लाजा पर सफलतापूर्वक शुरू किया जा चुका है।

निर्बाध यात्रा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को अपने वाहन पर सही ढंग से काम करने वाला फास्टैग लगाने और उसमें पर्याप्त बैलेंस बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (E-Notice) से बचा जा सके।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *