बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को पटना स्थित उनके सरकारी आवास ’10 सर्कुलर रोड’ को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। राबड़ी देवी ने स्पष्ट रूप से इस आवास को छोड़ने से इनकार कर दिया है और सरकार को चुनौती दी है कि यदि वे बंगला खाली कराना चाहते हैं तो फोर्स बुला लें।
10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर बिहार सरकार ने जारी किया अल्टीमेटम
पटना में राज्य सरकार के एक ताजा निर्देश के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भवन निर्माण विभाग ने वर्तमान विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनके लंबे समय से अधिकृत सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का आदेश दिया है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह सरकारी बंगला अब आधिकारिक तौर पर पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। विपक्ष की नेता को दिया गया यह निर्देश तीसरा आधिकारिक नोटिस है, जबकि इससे लगभग एक महीने पहले भी उन्हें एक बेदखली नोटिस भेजा गया था।
भवन निर्माण विभाग के नोटिस पर राबड़ी देवी का दो टूक जवाब
सरकारी आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए राबड़ी देवी ने संपत्ति खाली करने की मांग को दृढ़ता से खारिज कर दिया है। दिल्ली से पटना लौटने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी परिस्थिति में 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को नहीं छोड़ेंगी।
“अगर सरकार बंगला खाली कराना चाहती है तो फोर्स बुलाकर खाली करवा ले,” राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा।
भवन निर्माण विभाग ने बताया कि राबड़ी देवी को नवंबर 2025 में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में 39 हार्डिंग रोड पर एक वैकल्पिक सरकारी आवास आवंटित किया गया था। अधिकारियों का दावा है कि नए आवंटन और पिछले छह महीनों में नए स्थान पर स्थानांतरित होने के कई अनुरोधों के बावजूद, अभी तक बंगला खाली करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
राष्ट्रीय जनता दल का ऐतिहासिक राजनीतिक केंद्र
पटना का 10 सर्कुलर रोड बंगला बिहार की राजनीति में एक विशिष्ट स्थान रखता है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य वर्ष 2005 से इस सरकारी आवास में रह रहे हैं। इस लंबे समय तक आवास में बने रहने के कारण, यह परिसर पिछले दो दशकों से राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का मुख्य केंद्र रहा है।
दोनों पक्षों के रुख के बाद इस आवासीय विवाद को लेकर प्रशासन और विपक्षी नेताओं की अगली प्रतिक्रियाओं पर भारत मंथन लाइव न्यूज़ की नज़र बनी रहेगी।
