पंजाब के पठानकोट जिले के सुजानपुर निवासी बलजिंदर सिंह को सऊदी अरब में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। दुबई से सऊदी अरब जाते समय उनकी गाड़ी से नशीले पदार्थ बरामद हुए थे। पिछले तीन वर्षों से जेल में बंद बलजिंदर के परिवार ने सोमवार (14 सितंबर 2026) को पंजाब और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
पठानकोट के युवक को सऊदी अरब में मौत की सजा
पंजाब के पठानकोट जिले के अंतर्गत सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के एक अमृतधारी सिख युवक, बलजिंदर सिंह, को सऊदी अरब की एक अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। बलजिंदर पिछले तीन सालों से वहां की जेल में बंद हैं।
इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद पीड़िता के परिवार ने पंजाब सरकार और भारत सरकार के केंद्रीय विदेश मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप कर उनके बेटे की रिहाई और वतन वापसी की अपील की है।
दुबई-सऊदी सीमा पर नशीली दवाइयां बरामद बलजिंदर सिंह 10 साल पहले अपनी आजीविका कमाने के लिए विदेश गए थे और दुबई में बतौर ट्रक ड्राइवर काम कर रहे थे।
रिपोर्टों के अनुसार, एक परिचित के कहने पर वह उनके बीमार और बुजुर्ग रिश्तेदार के लिए दवाइयों का एक डिब्बा लेकर दुबई से सऊदी अरब जा रहे थे। जब वह दुबई-सऊदी अरब सीमा पर पहुंचे, तो सुरक्षा जांच के दौरान उनके पास मौजूद दवा के बक्से में से नशीले पदार्थ (नारकोटिक्स) बरामद हुए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
परिवार ने लगाई केंद्र और राज्य सरकार से गुहार बलजिंदर सिंह की माता ने रोते हुए मीडिया से अपनी व्यथा साझा की और बताया कि उनका बेटा पूरी तरह निर्दोष है।
उनकी मां ने कहा, “मेरा गुरसिख बेटा दुबई से सऊदी अरब जा रहा था, तभी किसी ने उसे कुछ दवाएं ले जाने को कहा। सीमा पर उसे पकड़ लिया गया। हमारा पूरा परिवार अमृतधारी है और घर में गुरबाणी का पाठ करता है। मेरा बेटा इस तरह का काम करने वाला इंसान नहीं है। उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं और मेरी खुद की तबीयत खराब रहती है। हम सरकार से अपील करते हैं कि हमारे बेटे को वापस लाया जाए।”
