राहुल गांधी ने शिक्षा और रोजगार पर शुरू किया छात्र अभियान

कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजस्थान के कोटा में 'छात्रों की गूंज' अभियान के दौरान छात्र रैली को संबोधित करते हुए.

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 18 जून, 2026 को राजस्थान के कोटा से देशव्यापी छात्र अभियान ‘छात्रों की गूंज’ की शुरुआत की. इस पहल के माध्यम से उन्होंने पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की खामियों, महंगी शैक्षणिक फीस और बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा.

कोटा से राहुल गांधी की नई पहल, ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का शंखनाद

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा शहर से एक नए देशव्यापी छात्र अभियान ‘छात्रों की गूंज’ का आगाज किया है. इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों और युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर लाना और उनकी समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाना है. इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत देश में पेपर लीक, वर्तमान परीक्षा प्रणाली की विसंगतियों, लगातार बढ़ती शैक्षणिक फीस और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर विषयों को प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करते हुए देश भर के छात्रों से इससे जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यह मंच उन सभी छात्रों की आवाज बनेगा जिन्हें परीक्षा में कथित अनियमितताओं, महंगी शिक्षा व्यवस्था अथवा रोजगार के अवसरों की कमी के चलते मानसिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से ऑनलाइन पिटीशन पर हस्ताक्षर करने तथा अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करने की भी अपील की.

‘छात्रों की गूंज’ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं: राहुल गांधी

अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर छात्रों के मौलिक अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों को सामने लाने का एक संगठित प्रयास है. उनके अनुसार, देश के लाखों छात्र इस समय शिक्षा और रोजगार से जुड़ी कठिन चुनौतियों से जूझ रहे हैं, परंतु उनकी इन वास्तविक समस्याओं को प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान की सफलता और मजबूती छात्रों की अधिकतम भागीदारी पर निर्भर करेगी.


“देश के लाखों छात्र शिक्षा और रोजगार से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा है. यह मंच उनकी आवाज़ को मजबूत करने का काम करेगा.” — राहुल गांधी, विपक्ष के नेता


कोचिंग हब कोटा में छात्रों से किया सीधा संवाद

इस अभियान की औपचारिक घोषणा से ठीक एक दिन पहले राहुल गांधी ने देश के प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले कोटा में एक विशाल छात्र रैली को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया और देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था व प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते स्वरूप पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने रेखांकित किया कि देश के कई मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने जीवनभर की जमा पूंजी खर्च कर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बेहद कम छात्रों को ही अंतिम सफलता मिल पाती है.

जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की मौजूदा नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की. उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था छात्रों को आगे बढ़ने के उचित अवसर प्रदान करने के बजाय उन्हें निराश करने वाली प्रणाली में तब्दील होती जा रही है. उनका मानना है कि देश को तत्काल एक ऐसी सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है जो युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें वास्तविक रूप में पूरा करने का सुरक्षित माहौल दे सके.

यह अभियान ऐसे समय में शुरू किया गया है जब देश के भीतर पेपर लीक, सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अत्यधिक देरी और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस छिड़ी हुई है.

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *