रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पांच नियमित उड़ानों के अस्थायी रूप से बंद होने पर झारखंड चैंबर ने गहरी नाराजगी जताई है। चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने शनिवार को कहा कि राज्य में हवाई यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए उड़ानों की संख्या घटनी नहीं बल्कि बढ़नी चाहिए।
रांची एयरपोर्ट से उड़ानें बंद होने पर झारखंड चैंबर का विरोध
रांची: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पांच नियमित उड़ानों के अस्थायी रूप से बंद हो जाने के फैसले पर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (झारखंड चैंबर) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने शनिवार को इस संबंध में अपना आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब झारखंड में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, तो ऐसे समय में विमानों की संख्या को कम करने के बजाय उनमें बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग
चैंबर अध्यक्ष ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुधार और यात्रियों की सहूलियत के लिए रांची से कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी विमान सेवा शुरू करने की मांग को फिर से दोहराया है। झारखंड चैंबर की ओर से रांची से जयपुर, गोवा, सूरत, रायपुर, बागडोगरा-गुवाहाटी और वाराणसी-अमृतसर के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी देने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, देवघर एयरपोर्ट से भी चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे बड़े वाणिज्यिक केंद्रों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की आवश्यकता जताई गई है।
एयरलाइंस की जवाबदेही तय करने और अंतरराष्ट्रीय रूटों की अपील
चैंबर ने विमानन कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि पूर्व में संचालित रांची-भुवनेश्वर उड़ान की सेवाओं को तत्काल बहाल किया जाए। इसके साथ ही, अंतिम समय में फ्लाइट रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए एयरलाइंस की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। झारखंड चैंबर ने राज्य के विकास को गति देने के लिए रांची से सीधे दुबई और बैंकॉक जैसे वैश्विक शहरों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की भी पुरजोर अपील की है।
