रांची के रिम्स में आधुनिक सर्जरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रबंधन ने यूरोलॉजी विभाग हेतु लैप्रोस्कोपिक हैंड इंस्ट्रूमेंट सेट की आपूर्ति और स्थापना के लिए ई-टेंडर जारी किया है। यह टेंडर तकनीकी और वित्तीय आधार पर आमंत्रित किया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 2 मई निर्धारित की गई है।
रांची रिम्स में आधुनिक सर्जरी उपकरण के लिए टेंडर जारी
राजधानी रांची स्थित रिम्स में चिकित्सा सेवाओं को उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। अस्पताल प्रबंधन ने यूरोलॉजी विभाग के लिए लैप्रोस्कोपिक हैंड इंस्ट्रूमेंट सेट की आपूर्ति और स्थापना हेतु ई-टेंडर आमंत्रित किया है।
यह टेंडर तकनीकी और वित्तीय दोनों मानकों के आधार पर जारी किया गया है। इच्छुक एजेंसियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 2 मई तय की गई है।
सर्जरी की गुणवत्ता और क्षमता में होगा सुधार
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद रिम्स में सर्जरी की गुणवत्ता और क्षमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेष रूप से यूरोलॉजी विभाग में जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे।
इससे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध होगी और इलाज से जुड़ी परेशानियां कम होंगी।
लैप्रोस्कोपिक तकनीक से मरीजों को लाभ
लैप्रोस्कोपिक उपकरणों के उपयोग से सर्जरी के दौरान छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिससे मरीजों को कम दर्द होता है और उनकी रिकवरी तेज होती है। इससे डॉक्टरों को भी ऑपरेशन करने में सुविधा मिलती है।
अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को कम समय में संभालने में भी यह तकनीक सहायक साबित हो सकती है।
स्थानीय स्तर पर उन्नत इलाज की सुविधा
इस पहल के बाद रांची और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी।
स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
