रांची के सिकिदिरी हाइडल पावर प्रोजेक्ट के कैचमेंट एरिया में मंगलवार, 26 मई 2026 को अचानक पानी का बहाव तेज होने से कई पर्यटक बीच धारा में फंस गए. पावर प्रोजेक्ट का फाटक अचानक खोले जाने से यह स्थिति पैदा हुई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला.
सिकिदिरी हाइडल पावर प्रोजेक्ट का अचानक खोला गया फाटक, तेज बहाव में फंसे कई पर्यटकों को ग्रामीणों ने बचाया
सिकिदिरी: सिकिदिरी हाइडल पावर प्रोजेक्ट के कैचमेंट एरिया में मंगलवार को अचानक जलस्तर और पानी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण कई पर्यटक बीच धारा में फंस गए. अचानक पानी बढ़ने से पूरे नदी क्षेत्र और आस-पास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. भारत मंथन लाइव न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने बेहतरीन सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद फंसे हुए सभी पर्यटकों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हाइडल पावर प्रोजेक्ट का फाटक अचानक खोले जाने के बाद निचले बहाव वाले क्षेत्र में पानी की रफ्तार बेहद तेज हो गई थी.
फोटो खींचने के दौरान अचानक नदी में घिरे लोग
जिस वक्त प्रोजेक्ट का फाटक खोला गया, उस समय बड़ी संख्या में लोग घूमने और फोटो खींचने के लिए नदी क्षेत्र के भीतर मौजूद थे. पानी का स्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव होने के कारण कुछ पर्यटक बाहर निकलने में पूरी तरह असमर्थ हो गए और खुद को बीच धारा में घिरा देख मदद के लिए गुहार लगाने लगे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बिना वक्त गंवाए राहत कार्य शुरू कर सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
ऊर्जा विभाग के सीएमडी ने लिया संज्ञान, दिए निर्देश
“घटना की सूचना मिलने के बाद ऊर्जा विभाग के सीएमडी (CMD) श्रीनिवासन को इस पूरे मामले से अवगत कराया गया. उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिकिदिरी हाइडल पावर प्रोजेक्ट के इंचार्ज को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने और पानी के फ्लो (बहाव) को नियंत्रित करने का कड़ा निर्देश जारी किया.”
क्षेत्र के सुरक्षा इंतजामों पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस आकस्मिक घटना के बाद से सिकिदिरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. स्थानीय निवासियों और वहां आने वाले पर्यटकों का स्पष्ट कहना है कि कैचमेंट एरिया में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, सायरन या अनाउंसमेंट सिस्टम (घोषणा प्रणाली) की उचित व्यवस्था नहीं है.
लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि अचानक जलस्तर बढ़ने की ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, इसके बावजूद प्रबंधन गंभीर नहीं है. घटना के बाद से अब क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग लगातार तेज हो गई है.
