उन्नाव में गौवंश की दुर्दशा पर प्रदर्शन, एक सप्ताह का अल्टीमेटम

उन्नाव में गौवंश की दुर्दशा पर प्रदर्शन, एक सप्ताह का अल्टीमेटम

गौवंश की दुर्दशा को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन

उन्नाव में गौवंश की दुर्दशा और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया। गौ रक्षक, विश्व हिंदू परिषद और कई युवा संगठनों से जुड़े लोग जिला अधिकारी घनश्याम मीणा के कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों ने गौवंश की मौत और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

चारे और पानी की व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शासन की ओर से गौवंश के चारे और देखरेख के लिए धन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद कई गौशालाओं में पर्याप्त चारे और पानी की व्यवस्था नहीं हो रही है।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ गौशालाओं में गौवंश की मौत के बाद उचित व्यवस्था करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को गौवंश की मौत से जुड़े वीडियो और पूर्व में की गई शिकायतों का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतों का भी जिक्र

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पोर्टल पर लगातार शिकायतें की गईं, लेकिन कई मामलों में ऐसी आख्या लगाई गई, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हैं।

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद नगर मजिस्ट्रेट समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

काफी देर तक चले विरोध के बाद प्रदर्शनकारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। साथ ही अधिकारियों को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि गौशालाओं की व्यवस्था, गौवंश की मौत और चारे से जुड़े आरोपों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इसके बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी दी जाएगी।

अब प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर क्या जांच कराई जाती है और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।

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