2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस अगले हफ्ते से समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत शुरू करेगी। इस चर्चा का मुख्य फोकस जीतने की क्षमता और सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन को मजबूत करना है।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस अगले हफ्ते से समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत शुरू करेगी। इस चर्चा का मुख्य फोकस जीतने की क्षमता और सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन को मजबूत करना है।
सीट-बंटवारे की रूपरेखा और समितियां
उत्तर प्रदेश के एआईसीसी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने ईटीवी भारत को बताया कि अगले कुछ दिनों में सीट-बंटवारे की बातचीत शुरू हो जाएगी। पार्टी ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और इस पर चर्चा के लिए वरिष्ठ नेताओं की एक समिति बनाई जा रही है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राज्य के वरिष्ठ नेताओं का एक पैनल सपा नेताओं के साथ शुरुआती दौर की चर्चा शुरू करेगा।
सूत्रों का कहना है कि शुरुआती दावों में 150 सीटों की बात कही गई है, लेकिन अंतिम मुहर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव जैसे शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लगाई जाएगी।
गठबंधन की रणनीति और पिछला प्रदर्शन
कांग्रेस और सपा ने पहले भी राज्य और केंद्र स्तर पर गठबंधन किया है। 2017 के विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन विफल रहा था, लेकिन 2024 के आम चुनावों में इस साझेदारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा के समीकरण को हिला कर रख दिया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 6 और सपा ने 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसी सफलता के आधार पर कांग्रेस इस बार भी गठबंधन के तहत मजबूत सीटों पर नजर बनाए हुए है।
