अमेरिकी संसदीय शिष्टमंडल की भारत यात्रा, रक्षा सहयोग और व्यापार पर चर्चा

नई दिल्ली में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के शिष्टमंडल के साथ रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की बैठक।

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के एक द्विपक्षीय (द्विदलीय) शिष्टमंडल ने सोमवार को नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों के “भविष्य के प्रक्षेपवक्र” (Future Trajectory) के साथ-साथ रक्षा औद्योगिक सहयोग और व्यापारिक तनाव पर विस्तृत चर्चा हुई।

भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य पर अमेरिकी द्विदलीय शिष्टमंडल की अहम बैठक

भारत मंथन लाइव न्यूज: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) के एक द्विपक्षीय शिष्टमंडल की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच जारी जुड़ाव को रेखांकित किया है। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष प्रतिनिधि ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में आए इस शिष्टमंडल की बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों के “भविष्य के प्रक्षेपवक्र” पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के रिश्तों में अनिश्चितता देखी जा रही है। अमेरिका एक तरफ चीन और दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को फिर से परिभाषित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत पर अतिरिक्त टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है।

रक्षा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर

तमाम व्यापारिक अनिश्चितताओं के बावजूद रक्षा सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक ऐसा क्षेत्र बना हुआ है जो बेहद मजबूत है। ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में अमेरिकी शिष्टमंडल ने सोमवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में “रक्षा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर” देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विकास पर चर्चा की गई। अमेरिका अपने घरेलू औद्योगिक आधार को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक है, जबकि दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदारों में शामिल भारत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन (Joint Production) की तलाश में है।

व्यापारिक तनाव और सैनक्शिनिंग रूस एंड ईरान एक्ट (SRIA) 2026

रक्षा संबंधों में मजबूती के बावजूद दोनों देशों के रिश्ते व्यापारिक तनावों से पूरी तरह अछूते नहीं हैं। ट्रम्प प्रशासन के तहत टैरिफ और प्रतिबंध भू-राजनीतिक दबाव बनाने के प्राथमिक साधन बन गए हैं।

रविवार को अमेरिकी शिष्टमंडल ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की। इस बैठक के दौरान ‘सैनक्शिनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ (SRIA) 2026 पर चर्चा हुई। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को रूसी तेल के खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है।

विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान

भारत की यात्रा पर आए पांच सदस्यीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे ब्रायन मास्ट और उनके अधिकांश सहयोगियों ने इस प्रतिबंध कानून का समर्थन किया था, जिसे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में 262 बनाम 159 मतों से पारित किया गया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर 2026 को इस विधेयक पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया था।

इस पृष्ठभूमि में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर पुष्टि की कि विदेश सचिव मिस्री और अमेरिकी शिष्टमंडल की बैठक में SRIA कानून सहित भारत-अमेरिका संबंधों के पूरे पहलू पर चर्चा हुई।

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