मोतिहारी के सदर अस्पताल चौक स्थित एमएस हॉस्पिटल को बृहस्पतिवार, 4 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक निबंधन और वैध दस्तावेज न मिलने पर तत्काल प्रभाव से सील कर दिया, जो मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल हादसे के बाद राज्यव्यापी सतर्कता के तहत की गई कार्रवाई है।
मुजफ्फरपुर प्रसाद अस्पताल हादसे के बाद एक्शन में पूर्वी चंपारण प्रशासन
मोतिहारी: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल (निजी नर्सिंग होम) में हुए हादसे के बाद बिहार का स्वास्थ्य विभाग पूरे राज्य में सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सिविल सर्जन के निर्देश पर मोतिहारी के सदर अस्पताल चौक स्थित ‘MS हॉस्पिटल’ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है।
बिना निबंधन और मानकों के चल रहा था निजी अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग को लगातार यह गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं कि जिले में कई नर्सिंग होम और अस्पताल बिना आवश्यक मानकों, पंजीकरण (निबंधन) और वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इस गंभीर शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम नोडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में अचानक एमएस हॉस्पिटल पहुंची और सघन जांच शुरू की।
निर्धारित समय सीमा में वैध दस्तावेज दिखाने में विफल रहा प्रबंधन
जांच के दौरान टीम द्वारा अस्पताल प्रबंधन से निबंधन, फायर सेफ्टी, सरकारी मान्यता और वहां कार्यरत चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक अस्पताल प्रबंधन संचालन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका।
कथित चिकित्सक की डिग्री पर भी गहराया संदेह
नोडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि राज्य सरकार और सिविल सर्जन के कड़े निर्देश पर अवैध रूप से संचालित अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कथित चिकित्सक से उनकी डिग्री संबंधी प्रमाण पत्र भी मांगे गए थे, लेकिन समय सीमा के भीतर कोई वैध कागजात नहीं दिए गए। ऐसे में प्रथम दृष्टया डिग्री और अस्पताल संचालन दोनों को लेकर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जिले में आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। इस बड़ी कार्रवाई की पूरी कवरेज भारत मंथन लाइव न्यूज पर उपलब्ध है।
