बिलासपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर निकली भव्य रैली, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बिलासपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर पारंपरिक वेशभूषा में रैली निकालते आदिवासी समाज के लोग

बिलासपुर में 9 अगस्त 2026 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा एक भव्य रैली का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में निकली इस रैली के माध्यम से लोगों को समाज की समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाजों और जल, जंगल तथा जमीन सहित पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

बिलासपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य सांस्कृतिक रैली का आयोजन

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा भव्य रैली निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक स्वरूप के साथ शामिल हुए।

रैली का मुख्य उद्देश्य आमजनों तक आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रकृति संरक्षण का संदेश पहुंचाना था।

जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की जीवनशैली हमेशा से प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव पर आधारित रही है। जल, जंगल और जमीन का संरक्षण करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी निभाना समाज की मूल पहचान है।

रैली के माध्यम से लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, जंगलों और जलस्रोतों को सुरक्षित रखने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को संरक्षित करने की अपील की गई।

संगोष्ठी में युवाओं को जड़ों से जुड़ने और एकजुटता का मिला संदेश

रैली के समापन के बाद एक विचार-उद्बोधन एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने शिक्षा, अधिकारों, सामाजिक एकजुटता और युवाओं की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने रेखांकित किया कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपनी माटी, संस्कृति और देशप्रेम को याद करने का दिन है। बिलासपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता के साथ पर्यावरण और संस्कृति संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।

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