पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले राज्य पुलिस ने एक बड़े अभियान में 36 घंटों के भीतर 1,543 लोगों को गिरफ्तार किया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर यह कार्रवाई संभावित उपद्रवियों को रोकने और मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई है।
पश्चिम बंगाल चुनाव: शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान नजदीक है। मतदान से 48 घंटे पहले राज्य भर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया है। पिछले 36 घंटों के दौरान, प्रशासन ने 1,543 ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जिन्हें चुनाव के दौरान अशांति फैलाने वाला माना जा रहा था।
जिलों के अनुसार गिरफ्तारियों का विवरण
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक गिरफ्तारियां पूर्व बर्धमान जिले में हुई हैं, जहां 479 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके बाद उत्तर 24 परगना में 319 और दक्षिण 24 परगना में 246 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, उत्तर कोलकाता में 109, हुगली में 49, नदिया में 32 और हावड़ा में 32 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है।
टीएमसी पार्षद की गिरफ्तारी से गरमाई राजनीति
गिरफ्तार किए गए लोगों में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद नारू भगत भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्व बर्धमान से हिरासत में लिया गया है। इस गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक उन विशिष्ट आरोपों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है जिनके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
चुनाव आयोग की रणनीति
चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट चेतावनी दी थी कि मतदान से पहले उपद्रवियों को खुली छूट नहीं दी जाएगी। आयोग ने खुफिया रिपोर्टों के आधार पर संभावित उपद्रवियों की सूची तैयार की थी। हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट में कानूनी चुनौती के बाद, आयोग ने स्पष्ट किया था कि इस सूची का उद्देश्य केवल इन व्यक्तियों पर निगरानी रखना है।
प्रशासन अब इस अभियान को और तेज करने की तैयारी में है ताकि मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
