पूर्व कुश्ती संघ (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को सत्र अदालत (सेशंस कोर्ट) में याचिका दायर की। याचिका में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार द्वारा 3 अगस्त को सुनाए गए फैसले को कानूनन त्रुटिपूर्ण और पोषणीय न होने का तर्क दिया गया है।
4 महिला पहलवानों ने सेशंस कोर्ट में दायर की अपील
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के फैसले को चार महिला पहलवानों ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को चुनौती दी है। पहलवानों ने इस फैसले के खिलाफ दिल्ली की एक सेशंस कोर्ट (सत्र अदालत) में अपील दाखिल की है।
3 अगस्त के अदालती आदेश को बताया गैर-कानूनी
यह याचिका अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार द्वारा 3 अगस्त को सुनाए गए बरी किए जाने के आदेश के खिलाफ दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत का यह आदेश “कानूनन त्रुटिपूर्ण (erroneous) और पोषणीय न होने योग्य (unsustainable in law)” है।
पहलवानों ने अदालत से इस फैसले की समीक्षा करने और न्याय सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
