श्रीनगर में सोमवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और फॉर्म 6 के उपयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच खेड़ा ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता, कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी विरोध तेज
भारत मंथन लाइव न्यूज: मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया और फॉर्म 6 के उपयोग को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और तीखा हो गया है। सोमवार को श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने दो टूक कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया नहीं जाता, तब तक कांग्रेस अपना आंदोलन वापस नहीं लेगी।
निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में किए गए बदलावों को लेकर कांग्रेस पार्टी देशव्यापी अभियान चला रही है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया से जुड़े नए बदलावों ने मतदाताओं के लिए अनावश्यक बाधाएं खड़ी कर दी हैं और इस पूरी प्रक्रिया की कानूनी वैधता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
फॉर्म 6 और एनेक्चर D से जुड़ा कानूनी विवाद
प्रदर्शन के दौरान पवन खेड़ा ने मतदाता पंजीकरण से जुड़ी अतिरिक्त शर्तों के कानूनी आधार पर सवाल उठाया। मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 (Registration of Electors Rules, 1960) का हवाला देते हुए उन्होंने तर्क दिया कि मतदाता पंजीकरण को नियंत्रित करने वाले वैधानिक नियमों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना मनमाने ढंग से बदलाव नहीं किया जा सकता।
खेड़ा ने सवाल उठाया कि फॉर्म 6 से जुड़ी अतिरिक्त आवश्यकताओं को क्यों लागू किया गया और इन्हें लागू करने से पहले किस प्रक्रिया का पालन किया गया था। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग से सामने आ रही जानकारियों और घटनाक्रमों ने विपक्षी दल द्वारा उठाए गए सवालों को और अधिक बल दिया है।
निर्वाचन आयोग की सफाई और स्पष्टीकरण
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने उन मुख्य आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि मूल फॉर्म 6 में ही बदलाव किया गया है। चुनाव निकाय के अनुसार, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए मौजूदा फॉर्म 6 का ही उपयोग जारी है, जबकि SIR अभ्यास के लिए इसके साथ एनेक्चर D (Annexure D) नाम से एक अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन से संबंधित सभी आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे।
‘निष्पक्ष चुनाव के लिए पद से हटना जरूरी’
निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई सफाई और स्पष्टीकरण के बावजूद पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपना विरोध खत्म नहीं करेगी। कांग्रेस का मानना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहेंगे, तब तक देश में चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं माना जा सकता।
