गुमला में शकुंतला उरांव ने राहुल गांधी के आरोपों पर दी प्रतिक्रिया
गुमला नगर परिषद अध्यक्ष सह भाजपा नेत्री शकुंतला उरांव ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवाल
हाल के दिनों में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए हैं। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आए हैं।
वहीं, चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को कहा था कि पिछले एक वर्ष में आयोग के सभी फैसले पूर्ण आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए।
भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उनके साथ सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।
संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की अपील
प्रेस वार्ता के दौरान शकुंतला उरांव ने कहा कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान है। उन्होंने कहा कि आयोग के प्रमुख पद पर बैठे अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाने से पहले ठोस तथ्यों को सामने रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
निर्धारित प्रक्रिया से समाधान की बात
शकुंतला उरांव ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को लेकर किसी भी तरह की शंका होने पर उसका समाधान निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों से आरोप लगाने से लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का उल्लेख
भाजपा नेत्री ने चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर दिए गए स्पष्टीकरण का भी उल्लेख किया। चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR सहित पिछले एक वर्ष में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय थे।
हालांकि, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से कुछ प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई है।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेत्रियां रहीं मौजूद
शकुंतला उरांव ने कहा कि राजनीतिक दलों को जनता के बीच अपनी बात तथ्यों के साथ रखनी चाहिए। उन्होंने संवैधानिक पदों की मर्यादा बनाए रखने को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेत्री सावित्री देवी, गुड्डी नंदा समेत कई भाजपा नेत्रियां मौजूद थीं। इस दौरान चुनाव आयोग को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर पार्टी का पक्ष रखा गया।
