एआईएमआईएम (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान फॉर्म-7 जमा करके मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया है। हैदराबाद में शनिवार देर रात एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
हैदराबाद में ओवैसी ने फॉर्म 7 के दुरुपयोग का लगाया आरोप
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा हमला बोला है। शनिवार देर रात हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता फॉर्म-7 का इस्तेमाल करके मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास कर रहे हैं।
ओवैसी ने निर्वाचन आयोग (EC) और तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि वे छपे हुए फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने की इन कोशिशों की तुरंत जांच करें।
दिल्ली से भी बड़े आंदोलन की चेतावनी
ओवैसी ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 जमा करने वाले व्यक्ति की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुशीराबाद में भाजपा के एक बूथ लेवल असिस्टेंट (BLA) ने मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म जमा किए थे।
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह फर्जीवाड़ा बंद नहीं हुआ, तो दिल्ली के जंतर-मंतर से भी बड़ा आंदोलन हैदराबाद की सड़कों पर किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मुस्लिम होने के कारण वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तेलंगाना बीजेपी का ओवैसी पर पलटवार
ओवैसी के आरोपों पर तेलंगाना भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा ने कहा कि एआईएमआईएम नेता को निर्वाचन आयोग के खिलाफ बयानबाजी बंद करनी चाहिए।
भाजपा ने चुनौती दी कि यदि ओवैसी के पास चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के कोई वास्तविक सबूत हैं, तो उन्हें बयानबाजी करने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।
