गिरिडीह जिले में जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार महतो की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। उनकी अधजली लाश खांखी जंगल से बरामद होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। घटना के विरोध में लोगों ने डुमरी-फुसरो मुख्य सड़क को जाम कर दिया और हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
राकेश महतो डुमरी क्षेत्र के एक प्रभावशाली और लोकप्रिय राजनीतिक नेता थे। वर्ष 2016 में जिला परिषद का चुनाव जीतने के बाद वे जिला परिषद अध्यक्ष बने थे। उनकी पहचान झारखंड मुक्ति मोर्चा के सक्रिय नेता के रूप में भी थी और वे क्षेत्र में जनसेवा के लिए जाने जाते थे। उनकी हत्या की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। गिरिडीह के एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार राकेश महतो की हत्या के बाद शव को जंगल में ले जाकर जलाने की कोशिश की गई है।
परिजनों के अनुसार, राकेश महतो को आखिरी बार शुक्रवार शाम को देखा गया था। उनके भाई मुकेश महतो ने बताया कि उनकी कुछ लोगों से दुश्मनी भी थी, जिससे हत्या की साजिश की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को जांच में लगाया है। घटनास्थल से कुछ अहम सुराग भी मिले हैं और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
