रांची, 7 फरवरी 2026: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री रांची जिले के अंगड़ा थाना क्षेत्र के सीताडीह गांव में संचालित की जा रही थी। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री संचालक नारायण लोहरा को गिरफ्तार कर लिया है। छापेमारी के दौरान कुल 19 तैयार देशी सिंगल बैरल राइफलें और चार अधूरी राइफलें बरामद की गई हैं।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि सीताडीह गांव में अवैध रूप से हथियारों का निर्माण और बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से नारायण लोहरा के घर पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में अवैध हथियार और निर्माण से जुड़ा सामान बरामद किया गया।
एसपी (ग्रामीण) प्रवीण पुष्कर ने बताया कि आरोपी पिछले करीब पांच वर्षों से इस अवैध धंधे में लिप्त था। पेशे से लोहार नारायण लोहरा अपनी कारीगरी का इस्तेमाल कर देशी राइफलें तैयार करता था और उन्हें अलग-अलग इलाकों में बेचता था।
10 से 15 हजार रुपये में होती थी बिक्री
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक राइफल को 10 हजार से 15 हजार रुपये के बीच बेचता था। सस्ती कीमत होने के कारण इन हथियारों की मांग अपराधियों के बीच बढ़ रही थी। पुलिस को आशंका है कि इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक घटनाओं में किया जा सकता था।
बरामद की गई 19 तैयार सिंगल बैरल राइफलों के अलावा चार राइफलें निर्माणाधीन अवस्था में थीं। पुलिस ने हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त कर ली है। बरामद हथियारों को जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।
पांच साल से चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नारायण लोहरा पिछले पांच वर्षों से अवैध हथियार निर्माण और बिक्री के कारोबार में सक्रिय था। अतिरिक्त मुनाफा कमाने के उद्देश्य से उसने इस धंधे की शुरुआत की थी। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण वह लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचता रहा।
हालांकि हाल के दिनों में इलाके में अवैध हथियारों की बढ़ती गतिविधियों के बाद पुलिस ने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया था। इसी कड़ी में यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा हथियार किन-किन इलाकों में सप्लाई किए गए।
सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती
अवैध हथियारों का निर्माण और बिक्री कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। सस्ती दरों पर उपलब्ध ये हथियार अपराधियों के लिए आसान विकल्प बन जाते हैं, जिससे हत्या, लूट, डकैती और अन्य संगीन अपराधों की आशंका बढ़ जाती है।
पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। संभावना है कि पूछताछ के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। बरामद हथियारों की तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि उनका उपयोग किन घटनाओं में किया गया या किया जाना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस कार्रवाई को रांची पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे संभावित आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
