फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय फुटबॉल टीम भले ही शामिल नहीं है, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी इस वैश्विक टूर्नामेंट में अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। 11 जून से शुरू हो रहे इस महाकुंभ में भाग लेने वाले इन खिलाड़ियों में से एक के पास भारतीय पासपोर्ट भी है, जो टूर्नामेंट के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दिखेगा भारतीय मूल के खिलाड़ियों का जलवा
फुटबॉल प्रशंसकों का अपनी राष्ट्रीय टीम को विश्व कप में खेलते देखने का इंतजार भले ही लंबा हो रहा है, लेकिन आगामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भारत की मौजूदगी परोक्ष रूप से दिखाई देगी। फीफा ने हाल ही में इस टूर्नामेंट का विस्तार करते हुए प्रतिभागियों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 कर दी है, जिन्हें 12 समूहों में विभाजित किया गया है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, 11 जून से शुरू होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में कुल चार भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के लिए मैदान पर उतरेंगे।
ऐतिहासिक रूप से, भारत ने 1950 के विश्व कप संस्करण के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले टीम का नाम वापस ले लिया था। इस बार भारतीय प्रशंसकों के पास इन खिलाड़ियों का समर्थन करने का खास मौका होगा, जो न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कतर और डीआर कांगो जैसे देशों की ओर से खेलते हुए भारतीय विरासत का प्रदर्शन करेंगे।
न्यूजीलैंड की टीम से खेलेंगे आक्रामक मिडफील्डर सरप्रीत सिंह
न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपनी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस टीम में 27 वर्षीय खिलाड़ी सरप्रीत सिंह भी शामिल होंगे, जिनका पारिवारिक संबंध भारत के पंजाब राज्य से है। सरप्रीत सिंह का जन्म ऑकलैंड, न्यूजीलैंड में हुआ था, लेकिन उनके माता-पिता पंजाबी मूल के हैं।
सरप्रीत सिंह अपनी टीम के लिए एक आक्रामक मिडफील्डर (अटैकिंग मिडफील्डर) के रूप में भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अब तक न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए कुल 26 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इन मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 3 गोल दागे हैं और उनके नाम 7 असिस्ट भी दर्ज हैं।
भारतीय पासपोर्ट के साथ इतिहास रचेंगे कतर के तहसीन मोहम्मद जमशीद
इस टूर्नामेंट में कतर की ओर से खेलने वाले 19 वर्षीय विंगर तहसीन मोहम्मद जमशीद पर भी सभी की निगाहें टिकी होंगी। तहसीन का जन्म दोहा में हुआ है, लेकिन उनके माता-पिता मूल रूप से केरल के कन्नूर के रहने वाले हैं। इस युवा खिलाड़ी ने प्रसिद्ध एस्पायर एकेडमी से फुटबॉल का प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वह कतरी लीग में अल दुहैल क्लब के लिए खेलते हैं।
विशेष रूप से, तहसीन मोहम्मद जमशीद फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में खेलने वाले पहले ऐसे खिलाड़ी बनेंगे जो भारतीय पासपोर्ट धारक हैं। उनके पास वर्तमान में भारतीय पासपोर्ट के साथ-साथ एक विशेष कतरी मिशन पासपोर्ट भी है, जिसके चलते वे इस वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
