रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में एक घर से करीब 60 लाख रुपये के गहने और नकदी चोरी के मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पीड़िता के मौसेरे देवर ने अपनी महिला मित्र और दोस्तों के साथ मिलकर इस सुनियोजित वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में एक युवती सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मौसेरे देवर ने विश्वास का फायदा उठाकर रची थी साजिश
राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में हुई 60 लाख रुपये की बड़ी चोरी की घटना को सुलझाने में स्थानीय पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि पीड़िता का सगा मौसेरा देवर ही निकला। आरोपी ने अपने करीबियों और दोस्तों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात की रूपरेखा तैयार की थी।
पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य आरोपी, उसके दोस्तों और एक महिला मित्र सहित कुल चार लोगों को दबोचा है। पकड़े गए अपराधियों के पास से चोरी किए गए कीमती आभूषण, भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन के साथ-साथ चोरी के रुपयों से खरीदी गई एक आलीशान एक्सयूवी (XUV) कार भी बरामद की गई है।
चाबी लेकर घर से पटना जाने के दौरान हुई वारदात
घटना के संदर्भ में मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, लालपुर स्थित एक नामी अपार्टमेंट में रहने वाली पीड़िता वीणा विभा कुमारी बीते 22 मई को अपने ससुराल पटना गई थीं। प्रस्थान करने से पहले उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से अपने घर की चाबियां अपने मौसेरे देवर हर्ष कुमार सिंह उर्फ आयुष को सौंप दी थीं।
जब पीड़िता 31 मई को पटना से वापस अपने रांची स्थित आवास पर लौटीं, तो घर के भीतर अलमारी के लॉकर टूटे हुए थे। अलमारी में रखे लगभग 60 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी व हीरे के जेवरात और 40 हजार रुपये की नकदी पूरी तरह से गायब थे। इसके तुरंत बाद पीड़िता ने लालपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया।
सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ और एक्सयूवी कार की खरीद
मामले के उद्भेदन के लिए रांची पुलिस द्वारा एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। टीम ने जब अपार्टमेंट और आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो तकनीकी साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने वारदात के वक्त घर में लगे सुरक्षा कैमरों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की थी।
गहन पुलिसिया पूछताछ में मुख्य आरोपी हर्ष कुमार सिंह उर्फ आयुष ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसने अपनी महिला मित्र और दोस्तों के साथ मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया था। वारदात के बाद उसने चोरी के कुछ बहुमूल्य गहनों को बाजार में बेच दिया था और उन पैसों से अपने शौक के लिए एक नई एक्सयूवी कार भी खरीद ली थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
मामले में गिरफ्तार हुए चार आरोपी
पुलिस ने इस पूरे आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए जिन चार लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेजा है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- हर्ष कुमार सिंह उर्फ आयुष (मुख्य आरोपी और पीड़िता का मौसेरा देवर)
- सिद्धांत सुमन (मुख्य आरोपी हर्ष का दोस्त)
- धनंजय कुमार वर्मा उर्फ सोनी (चोरी के सोने-हीरे के आभूषण खरीदने का आरोपी)
- लाइबा धान उर्फ निधि (मुख्य आरोपी हर्ष की महिला मित्र)
पुलिस द्वारा की गई सामानों की बरामदगी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निशानदेही और उनके पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामान और नकदी बरामद की है:
- चोरी के पैसों से खरीदी गई एक XUV कार
- एक लाख पचास हजार रुपये (डेढ़ लाख रुपये) की नकद राशि
- सोने के इयररिंग्स और टॉप सेट
- डायमंड रिंग (हीरे की अंगूठी)
- डायमंड मंगलसूत्र
- प्लैटिनम के कीमती गहने
- कई महंगे स्मार्टफोन
