रांची में हेमंत सरकार द्वारा प्रस्तुत झारखंड बजट 2026-27 पर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स और राज्य के व्यवसायियों ने 25 फरवरी 2026 को अपनी प्रतिक्रिया दी। चैंबर ने बजट को विकासोन्मुख बताया, जबकि उद्योग और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर अतिरिक्त प्रावधान की अपेक्षा जताई।
झारखंड बजट 2026-27 पर व्यवसायियों की प्रतिक्रिया
रांची में प्रस्तुत झारखंड बजट 2026-27 पर राज्य के व्यवसायियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। व्यवसायियों की अग्रणी संस्था झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इसे राज्य के विकास की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है।
चैंबर का कहना है कि औद्योगिक विकास राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके माध्यम से व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन संभव है। हालांकि, उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए बजट आवंटन में और वृद्धि की आवश्यकता महसूस की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई और कौशल विकास पर जोर
चैंबर ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई और कौशल विकास पर दिया गया जोर सराहनीय है। लेकिन पूंजीगत निवेश, ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और क्लस्टर विकास के लिए अधिक प्रावधान अपेक्षित थे।
विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योगों के लिए समर्पित प्रोत्साहन पैकेज से निवेश को गति मिल सकती थी। औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि उपलब्धता, प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी अमल और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया पर ठोस पहल की आवश्यकता जताई गई है।
लॉजिस्टिक्स, जीएसटी और निर्यात नीति पर सुझाव
चैंबर ने लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज को बढ़ावा देने की दिशा में बजट में अधिक स्पष्टता की अपेक्षा की है। व्यापार के दृष्टिकोण से जीएसटी अनुपालन में सरलीकरण, निरीक्षण प्रणाली में पारदर्शिता और छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं के विस्तार की जरूरत बताई गई है।
निर्यात प्रोत्साहन, ई-कॉमर्स को बढ़ावा और स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए विशेष नीति को व्यापार को नई ऊंचाई देने वाला बताया गया। चैंबर ने बजट को संतुलित कहा, लेकिन उद्योग और व्यापार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप अधिक लक्ष्य आधारित प्रावधान की आवश्यकता जताई।
पदाधिकारियों ने क्या कहा
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि बजट संतुलित और दूरदर्शी प्रतीत होता है। उनके अनुसार, यदि घोषणाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है तो राज्य में निवेश, उत्पादन और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने पूंजीगत व्यय में वृद्धि और आधारभूत संरचना पर बल को राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
व्यवसायी नवजोत अलंग ने बजट को उद्योग-हितैषी दिशा में उठाया गया कदम बताया। वहीं रोहित पोद्दार ने वित्तीय अनुशासन, राजकोषीय घाटे को अनुमेय सीमा में रखने और ऋण-जीडीपी अनुपात में सुधार को राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता का संकेत कहा।
अनिल कुमार अग्रवाल ने अधोसंरचना विकास, पूंजीगत व्यय और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर जोर को व्यापारिक गतिविधियों को गति देने वाला बताया।
