रांची: आजसू पार्टी प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) जल्द कराने की मांग की है, जो 2016 के बाद से आयोजित नहीं हुई है और इससे अभ्यर्थियों व शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
रांची में JTET परीक्षा देरी से बढ़ी चिंता
रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में लंबित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) जल्द आयोजित कराने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में कहा कि स्पष्ट नीति और नियमों के अभाव में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है। इसका सीधा असर लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है, जो अनिश्चितता और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हुई परीक्षा
सरकार पर उठे सवाल
सुदेश महतो ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि झारखंड हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2026 तक परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा के भीतर परीक्षा नहीं कराई जा सकी।
उन्होंने कहा कि बार-बार की देरी से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है। उनके अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा में देरी का सीधा असर स्कूलों में खाली पदों और पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
2016 के बाद नहीं हुई JTET, बढ़ी अभ्यर्थियों की परेशानी
अवसर से वंचित हो रहे युवा
आजसू प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद से झारखंड में JTET आयोजित नहीं हुई है। इससे B.Ed और D.El.Ed डिग्रीधारी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन के अवसर से वंचित रह गए हैं।
उन्होंने इस मुद्दे को समान अवसर के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक परीक्षा न होना युवाओं के साथ अन्याय है। इससे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और शिक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
आयु सीमा पर संकट, पारदर्शी नीति की मांग
जल्द कार्रवाई की अपील
सुदेश महतो ने यह भी कहा कि लगातार देरी के कारण कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि पारदर्शी नियमावली तैयार कर जल्द से जल्द JTET परीक्षा आयोजित कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने लंबित नियुक्तियों, खाली पदों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को भी तय समयसीमा में पूरा करने की मांग की।
