धनबाद में 19 अप्रैल 2026 को सांसद ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बाघमारा और कतरास क्षेत्र में बदलते समीकरणों के बीच दोनों पक्षों की सक्रियता बढ़ने से स्थानीय राजनीति में हलचल देखी जा रही है।
धनबाद में तेज हुई राजनीतिक हलचल
धनबाद कोयलांचल की राजनीति में इन दिनों नई गतिविधियां सामने आ रही हैं। सांसद ढुल्लू महतो ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए राजनीतिक रूप से सक्रियता बढ़ाई है। मेयर संजीव सिंह की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
सांसद ढुल्लू महतो की बदली रणनीति
सांसद ढुल्लू महतो अब अपने पुराने मतभेदों को कम करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। पूर्व सांसद पीएन सिंह के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ी हैं और उन्हें भाजपा कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जा रहा है। 14 अप्रैल को सत्तूवानी के अवसर पर भी वे पीएन सिंह के आवास पहुंचे।
भाजपा नेताओं से संपर्क अभियान
ढुल्लू महतो भाजपा के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क साध रहे हैं। वह विभिन्न स्तरों पर संवाद बढ़ाते हुए समर्थन मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि धनबाद विधायक राज सिन्हा के साथ मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, लेकिन इस दिशा में प्रयास जारी बताए जा रहे हैं।
मेयर संजीव सिंह की बढ़ती सक्रियता
दूसरी ओर, मेयर संजीव सिंह की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। उनके साथ समर्थकों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। कतरास और बाघमारा जैसे क्षेत्रों में भी उनकी उपस्थिति बढ़ी है, जिन्हें सांसद ढुल्लू महतो का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है।
बाघमारा में बढ़ी राजनीतिक गतिविधि
बाघमारा क्षेत्र में संजीव सिंह के छोटे भाई सिद्धार्थ सिंह भी सक्रिय हैं। जनता श्रमिक संघ को सक्रिय करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी बढ़ती सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बदलते समीकरणों के संकेत
बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों के आधार पर विभिन्न संकेत सामने आ रहे हैं। वर्तमान में यहां से शत्रुघ्न महतो विधायक हैं, जबकि क्षेत्र को सांसद का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इन परिस्थितियों में बदलते समीकरणों पर नजर बनी हुई है।
दोनों पक्षों की रणनीतिक सक्रियता
एक ओर जहां संजीव सिंह की सक्रियता बढ़ रही है, वहीं सांसद ढुल्लू महतो भी अपने प्रभाव को बनाए रखने के प्रयास में जुटे हैं। दोनों पक्षों की गतिविधियों से स्थानीय राजनीति में प्रतिस्पर्धा स्पष्ट रूप से देखी जा रही है।
घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
इधर, संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल और भी सक्रिय हो गया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
