श्रीलंका के कोलंबो में 19 अप्रैल 2026 को भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake से मुलाकात की। इस दौरान भारत-श्रीलंका सहयोग, भारतीय आवास परियोजना, मछुआरों के मुद्दों और चक्रवात डिटवाह सहायता पैकेज पर चर्चा हुई। यह उनकी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा का हिस्सा है।
कोलंबो में भारत-श्रीलंका संबंधों पर उच्च स्तरीय वार्ता
भारत के उपराष्ट्रपति C P Radhakrishnan ने रविवार को कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच विकास परियोजनाओं और द्विपक्षीय सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
यह मुलाकात उपराष्ट्रपति की दो दिवसीय आधिकारिक श्रीलंका यात्रा के दौरान हुई।
भारतीय परियोजनाओं और सहायता पैकेज पर चर्चा
बैठक के दौरान भारतीय आवास परियोजना और श्रीलंका में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के चक्रवात डिटवाह सहायता पैकेज के तहत पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की गई।
मछुआरों के मुद्दे पर मानवीय दृष्टिकोण
दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के मछुआरों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की। इसमें मछुआरों की आजीविका और सीमा संबंधी घटनाओं को मानवीय दृष्टिकोण से हल करने पर जोर दिया गया।
पलक स्ट्रेट क्षेत्र में मछुआरों की आवाजाही और गिरफ्तारी का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में लंबे समय से संवेदनशील विषय रहा है।
भारतीय समुदाय और तमिल क्षेत्रों पर फोकस
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारतीय मूल के तमिल समुदाय और श्रीलंका के उत्तरी एवं पूर्वी क्षेत्रों के तमिल नेताओं के साथ संवाद करने पर भी जोर दिया।
उनकी यात्रा में कई समझौतों (MoUs) के आदान-प्रदान की भी संभावना जताई गई है।
प्रतिनिधिमंडल और आधिकारिक स्वागत
उपराष्ट्रपति के साथ 49 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। कोलंबो स्थित बंदरानायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत खेल मंत्री और अन्य अधिकारियों ने किया।
उपराष्ट्रपति ने भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और द्विपक्षीय विकास सहयोग पर भी जोर दिया।
