गुमला में 108 किलो गांजा बरामद मामले में अदालत ने 19 अप्रैल 2026 को बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। बिना नंबर प्लेट कार से तस्करी के इस मामले में अब सजा 22 अप्रैल को सुनाई जाएगी।
गुमला गांजा तस्करी मामले में अदालत का फैसला
गुमला में नशा तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। 108 किलो गांजा बरामदगी के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। अब इस मामले में अंतिम सजा 22 अप्रैल को सुनाई जाएगी।
एंटी-क्राइम चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा
यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस ने घाघरा चांदनी चौक के पास एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान एक बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध कार को रोका गया, लेकिन उसमें सवार लोग भागने लगे।
पीछा और गिरफ्तारी की पूरी घटना
पुलिस ने संदिग्ध वाहन का पीछा किया और घेराबंदी की। इस दौरान कार देवाकी बाबाधाम के पास एक मोड़ पर पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद कार में सवार दोनों युवक भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित कुमार पांडेय (रोहतास, बिहार) और राज सिंह (जौनपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान दोनों ने वाहन में गांजा छिपाए जाने की बात स्वीकार की।
108 किलो गांजा चार बोरों में बरामद
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली गई। जांच के दौरान चार बोरों में कुल 108 किलो गांजा बरामद हुआ। इसमें बोरा A और D में 30-30 किलो, जबकि बोरा B और C में 24-24 किलो गांजा पाया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
बरामद नशे की खेप की कीमत लाखों रुपये बताई गई है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया और दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
अदालत में सुनवाई और दोषसिद्धि
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में तेजी से सुनवाई हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्र ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय रजक ने पैरवी की।
22 अप्रैल को सुनाई जाएगी सजा
अब इस मामले में सभी की नजर 22 अप्रैल पर टिकी है, जब अदालत दोषियों को अंतिम सजा सुनाएगी।
