सिंगापुर केस: भारतीय मूल की कार्यकर्ता पर POFMA उल्लंघन का आरोप

सिंगापुर में भारतीय मूल की कार्यकर्ता पर POFMA कानून के तहत अदालत में मामला दर्ज

सिंगापुर में गुरुवार को भारतीय मूल की एंटी-डेथ पेनल्टी कार्यकर्ता कोकिला अन्नामलाई पर सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े सुधार आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया। यह मामला अक्टूबर 2024 में किए गए पोस्ट और POFMA आदेश से संबंधित है

सिंगापुर में भारतीय मूल की कार्यकर्ता पर मामला दर्ज

सिंगापुर: भारतीय मूल की एंटी-डेथ पेनल्टी कार्यकर्ता कोकिला अन्नामलाई पर सिंगापुर की अदालत में गुरुवार को आरोप तय किए गए। उन पर Protection from Online Falsehoods and Manipulation Act (POFMA) के तहत जारी सुधार आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है।

अदालत के दस्तावेजों में उनका नाम अन्नामलाई कोकिला पार्वती दर्ज है। यह मामला अक्टूबर 2024 में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा हुआ है।

सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 37 वर्षीय कोकिला अन्नामलाई ने फेसबुक और X पर एक ड्रग तस्कर मोहम्मद अजवान बोहारी और उसके परिवार से जुड़े अनुभवों पर पोस्ट किया था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार फांसी की सजा से जुड़े मामलों में मनमाने तरीके से निर्णय लेती है और कानूनी प्रक्रिया में सबूत का भार नहीं उठाती।

5 अक्टूबर 2024 को POFMA कार्यालय ने उन्हें इन पोस्ट पर सुधार नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था।

आदेश का पालन न करने का आरोप

POFMA कार्यालय ने बताया कि आरोप है कि अन्नामलाई ने जारी किए गए सुधार आदेश का पालन नहीं किया। सिंगापुर कानून के अनुसार, ऐसे मामले में अधिकतम 12 महीने की जेल, 20,000 सिंगापुर डॉलर तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

अगली सुनवाई मई में

इस मामले में उन्हें मई में प्री-ट्रायल कॉन्फ्रेंस के लिए फिर से अदालत में पेश होना होगा।

पहले भी बरी हो चुकी हैं अन्नामलाई

कोकिला अन्नामलाई पर इससे पहले दो अन्य महिलाओं के साथ मिलकर राष्ट्रपति भवन (इस्ताना) तक प्रो-फिलिस्तीनी जुलूस आयोजित करने का मामला दर्ज हुआ था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें अक्टूबर 2025 में उस मामले में बरी कर दिया गया था।

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