तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और पूर्व एमएलसी के. कविता ने शनिवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) का शुभारंभ किया। मेडचल जिले के मुनिराबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा में उन्होंने पार्टी के नाम की घोषणा की। कविता ने अपने पिता की पार्टी BRS की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार करते हुए तेलंगाना के विकास के लिए नए विजन का आह्वान किया।
के कविता का बड़ा कदम: ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) का हुआ गठन
तेलंगाना की राजनीति में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी और पूर्व एमएलसी के. कविता ने अपनी नई पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) की शुरुआत की है। मेडचल जिले के मुनिराबाद में भारी जनसमूह के बीच पार्टी का नाम सार्वजनिक करते हुए उन्होंने राज्य के भविष्य के लिए नई दिशा तय करने का वादा किया।
‘तेलंगाना जागृति’ और संघर्ष की यादें
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए के. कविता ने तेलंगाना राज्य के आंदोलन के दौरान किए गए संघर्षों को याद किया। उन्होंने अपनी संस्था ‘तेलंगाना जागृति’ के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी संस्था ने तेलंगाना की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने और राज्य के आंदोलन को नई रोशनी देने का कार्य किया है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य गठन के बाद भी वे सपने अभी अधूरे हैं जिनके लिए तेलंगाना के लोगों ने बलिदान दिया था।
BRS नेतृत्व पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान के. कविता ने अपने पिता के. चंद्रशेखर राव और उनकी पार्टी BRS की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि “तेलंगाना आंदोलन का रथ अब भटक चुका है।” कविता ने आरोप लगाया कि BRS राज्य की जनता की आकांक्षाओं और दर्द को समझने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने ‘सोशल तेलंगाना’ के सपने के टूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पाए हैं।
किसानों और दलितों के मुद्दों पर प्रहार
के. कविता ने सरकार पर तीखे हमले करते हुए कहा कि तेलंगाना गठन के बाद उम्मीद थी कि लोग गुलामी की बेड़ियों से मुक्त होंगे, लेकिन आज किसान कर्ज और संकट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध रेत माफियाओं का बोलबाला है, जिससे दलित समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि के. कविता ने पिछले साल 3 सितंबर को ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोपों के बीच BRS और एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था। अब सात महीने बाद, अपने पिता द्वारा पूर्व में उपयोग किए गए ‘TRS’ नाम को अपनी नई पार्टी के लिए चुनकर उन्होंने राज्य की राजनीति में एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है।
