गढ़वा में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

गढ़वा में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था और खराब वाहनों के कारण प्रभावित होती आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं।

गढ़वा में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था के कारण आपात स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। जिले के 27 एंबुलेंस वाहनों में से बड़ी संख्या खराब है या निष्क्रिय हो चुकी है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गढ़वा में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं

गढ़वा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां एंबुलेंस व्यवस्था लगभग चरमराती नजर आ रही है। जिले में मौजूद 27 एंबुलेंस में से बड़ी संख्या खराब है या सीमित दूरी तक ही चल पाने की स्थिति में है।

निष्क्रिय और सीमित एंबुलेंस की स्थिति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 एंबुलेंस पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुकी हैं। इनमें रंका, डंडई, कांडी, धुरकी, रमकंडा और भवनाथपुर की एक-एक एंबुलेंस, जबकि सदर क्षेत्र की चार एंबुलेंस शामिल हैं।

इसके अलावा 7 एंबुलेंस ऐसी हैं जो तकनीकी खराबी के बावजूद किसी तरह 20 से 30 किलोमीटर तक ही सेवा दे पा रही हैं। इनमें कांडी, रंका, रमना, नगर, मेराल, सदर गढ़वा और मझिआंव क्षेत्र शामिल हैं। वहीं करीब 8 एंबुलेंस सिर्फ स्थानीय स्तर पर सीमित उपयोग में लाई जा रही हैं, जिनमें मझिआंव, बरडीहा, रंका, रमकंडा, चीनिया, नगर और भवनाथपुर शामिल हैं।

दुर्घटनाग्रस्त और बदहाल वाहन

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2 एंबुलेंस पिछले दो वर्षों से दुर्घटनाग्रस्त हालत में पड़ी हैं, जिनकी अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। ये एंबुलेंस सदर गढ़वा और भंडारीया क्षेत्र की हैं।

एंबुलेंस व्यवस्था की इस बदहाली का सीधा असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार और खराब एंबुलेंस की शीघ्र मरम्मत की मांग की है।

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