पलामू रेंज के डीआईजी के निर्देश पर गढ़वा पुलिस ने जिले में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस ने 60 से अधिक रसूखदार लोगों की पहचान की है जो अवैध जमीन कब्जे और संपत्ति विवादों के जरिए अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रशासन अब इन आरोपियों की अवैध संपत्तियों की जांच कर रही है।
गढ़वा पुलिस का भू-माफिया सिंडिकेट पर प्रहार
गढ़वा: गढ़वा जिले में भू-माफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पलामू रेंज के डीआईजी के आदेश के बाद, गढ़वा पुलिस अब उन लोगों पर शिकंजा कस रही है जो जमीन विवादों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 60 से अधिक ऐसे सफेदपोशों की सूची तैयार की गई है, जो अवैध जमीन कारोबार और विवादित संपत्तियों के अवैध कब्जे में शामिल रहे हैं। इन व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने बहुत कम समय में अवैध तरीके से भारी चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। वर्तमान में पुलिस उनके वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों का विवरण खंगाल रही है।
बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने की कवायद
पिछले कुछ समय में गढ़वा जिले में जमीन विवाद के कारण हत्या, गोलीबारी और रंगदारी जैसी गंभीर घटनाएं बढ़ी हैं। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस सिंडिकेट के कुछ सदस्य पहले से ही जेल में हैं, जबकि कई अन्य फरार चल रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
पलामू डीआईजी ने गढ़वा एसपी को एक विशेष कार्यभार सौंपा है, जिसके तहत आपराधिक गतिविधियों में शामिल इन भू-माफियाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा तैयार की गई यह सूची जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके बाद अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की कुर्की-जब्ती जैसी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इस पुलिसिया कार्रवाई से अवैध जमीन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शांति स्थापित करने के लिए आवश्यक है।
