औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड में शुक्रवार को एक निजी स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक पिकअप वाहन सड़क किनारे अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक सड़क हादसे में 10 से अधिक स्कूली छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
औरंगाबाद के नबीनगर में बड़ा सड़क हादसा, पलटी स्कूली पिकअप
औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड अंतर्गत रामनगर इलाके में शुक्रवार को स्कूली बच्चों से भरा एक पिकअप वाहन सड़क किनारे पलट गया। इस भीषण हादसे में वाहन में सवार 10 से अधिक बच्चे घायल हो गए हैं। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी बच्चे की जान नहीं गई है और सभी घायल बच्चे फिलहाल उपचाराधीन हैं।
यह हादसा उस समय हुआ जब पिकअप वाहन बच्चों को लेकर शिवम पब्लिक स्कूल छोड़ने जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था। जैसे ही पिकअप कॉलेज मोड़ के पास पहुंची, चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण वाहन पलट गया।
क्षमता से अधिक बच्चे थे सवार, स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन में करीब 20 बच्चे सवार थे। वाहन के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से घायल बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
परिजनों का फूटा गुस्सा, स्कूल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के डरे-सहमे परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पिकअप वाहन से बच्चों को रोजाना स्कूल लाया और ले जाया जा रहा था, वह स्कूल वाहन (कमर्शियल स्कूल वैन) के रूप में पंजीकृत ही नहीं था। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन लंबे समय से बच्चों के परिवहन के लिए उसी असुरक्षित वाहन का इस्तेमाल कर रहा था।
सुरक्षा शिकायतों को स्कूल प्रशासन ने किया नजरअंदाज
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के समक्ष यह भी आरोप लगाया कि वाहन में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और क्षमता से अधिक संख्या को लेकर पहले भी कई बार स्कूल प्रबंधन से शिकायतें की गई थीं। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण शुक्रवार को यह गंभीर हादसा हो गया।
