प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के कारण रद्द की गई नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा अब 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को नई तारीख का ऐलान करते हुए बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधारों के तहत अगले वर्ष से यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में होगी।
नीट-यूजी परीक्षा 21 जून को दोबारा होगी, परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव
प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद रद्द की गई नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा की नई तिथि घोषित कर दी गई है। यह परीक्षा अब 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस नई तारीख का आधिकारिक ऐलान किया। भारत मंथन Live News के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने परीक्षा प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि भविष्य में अनियमितताओं को रोकने और व्यापक सुधारों के तहत अगले वर्ष से यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ी, दोबारा चुन सकेंगे परीक्षा शहर
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि आगामी 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा की अवधि में 15 मिनट की बढ़ोतरी की गई है। पूर्व में यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित थी, लेकिन अब यह विस्तारित समय के साथ शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
इसके साथ ही, प्रभावित उम्मीदवारों को राहत देते हुए सरकार ने परीक्षा के लिए अपनी सुविधा के अनुसार शहर चुनने का विकल्प फिर से प्रदान करने का निर्णय लिया है। सभी परीक्षार्थियों को आगामी 14 जून तक नए प्रवेश पत्र (Admit Card) उपलब्ध करा दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर परिवहन व्यवस्था का समन्वय भी करेगी।
पेपर लीक का कथित ‘सरगना’ प्रोफेसर पुणे से गिरफ्तार
इस बीच, नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को एक बड़ी सफलता का दावा किया है। सीबीआई ने मामले के कथित ‘सरगना’ एक प्रोफेसर को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लातूर निवासी प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो रसायन विज्ञान (Chemistry) के विशेषज्ञ हैं। बताया गया है कि प्रोफेसर कुलकर्णी कई वर्षों से नीट प्रश्नपत्र तैयार करने वाली आधिकारिक समितियों से जुड़े रहे हैं।
अप्रैल में ही घर पर लिखवा दिए थे परीक्षा के प्रश्न और उत्तर
प्रशासनिक जांच और आरोपों के अनुसार, प्रोफेसर कुलकर्णी ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अपने निजी आवास पर विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित की थीं। इस गुप्त कोचिंग के दौरान उन्होंने चुनिंदा छात्रों को वे सभी प्रश्न, उनके विकल्प और सटीक उत्तर लिखवा दिए थे, जो बाद में 3 मई को आयोजित की गई मुख्य नीट-यूजी परीक्षा में हूबहू पूछे गए थे। सीबीआई अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है।
