नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को मोतिहारी के लक्ष्मीपुर में बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। पूर्व जिला राजद अध्यक्ष दिवंगत सुरेश प्रसाद यादव की प्रतिमा के अनावरण के दौरान उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
मोतिहारी के लक्ष्मीपुर में तेजस्वी यादव ने किया पूर्व राजद जिलाध्यक्ष की प्रतिमा का अनावरण
बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी अंतर्गत लक्ष्मीपुर पहुंचे। वहां उन्होंने आयोजित एक जनसभा के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व जिला अध्यक्ष स्वर्गीय सुरेश प्रसाद यादव की स्मृति में नवनिर्मित स्मारक और उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष को सुनने और देखने के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी।
प्रतिमा अनावरण के उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार की वर्तमान प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाओं को लेकर सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार को आड़े हाथों लिया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अपने संबोधन के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की बुनियादी व्यवस्थाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार की ध्वस्त हो चुकी शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के कारण सूबे की आम जनता त्राहिमाम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं प्राप्त करने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण आम जनता पूरी तरह परेशान है। तेजस्वी यादव के अनुसार, एनडीए सरकार की जनविरोधी नीतियों का सबसे बुरा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है, जिसके चलते किसानों के लिए अब खेती पूरी तरह से घाटे का सौदा साबित हो चुकी है।
आम जनता की तकलीफों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने आम परिवारों की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि हर वर्ग के लोगों के लिए अब अपने घर की रसोई का खर्च संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके साथ ही बीमार पड़ने पर इलाज का खर्च उठाना और बच्चों की बेहतर पढ़ाई की फीस का भुगतान करना आमजन के लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने एनडीए शासन पर सीधे तौर पर संवेदनहीनता का आरोप मढ़ते हुए कहा कि वर्तमान सरकार आम जनता की इन मूलभूत तकलीफों और रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं दिखाई दे रही है।
