रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र अंतर्गत भुर्या टोली गांव में मंगलवार सुबह एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में कार्यरत 35 वर्षीय कमल किशोर महतो का शव उनके घर के समीप पहाड़ी इलाके में एक पेड़ से लटका हुआ मिला, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पतरातू के भुर्या टोली गांव के समीप पहाड़ी इलाके में मिला शव
रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र के भुर्या टोली गांव में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक स्थानीय युवक का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान गांव के ही रहने वाले 35 वर्षीय कमल किशोर महतो के रूप में हुई है, जिनका शव घर के पास ही स्थित पहाड़ी क्षेत्र में एक पेड़ से फंदे पर लटका हुआ पाया गया। इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की तत्काल सूचना मिलने के बाद पतरातू थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारा और आवश्यक पंचनामा तैयार करने के बाद मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
बेंगलुरु में पदस्थापित थे रक्षा कर्मी, एक महीने पहले आए थे छुट्टी पर
पारिवारिक सूत्रों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक कमल किशोर महतो देश के प्रतिष्ठित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह वर्तमान में बेंगलुरु में पदस्थापित थे और करीब एक महीना पहले ही विभागीय छुट्टी मंजूर कराकर अपने पैतृक गांव भुर्या टोली वापस लौटे थे।
भारत मंथन लाइव न्यूज को परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, कमल किशोर पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे थे। परिजनों ने बताया कि मानसिक व्यथा के कारण उन्हें पिछले कई दिनों से रात में नींद न आने (इंसोमनिया) की गंभीर समस्या भी हो रही थी, जिससे वह काफी परेशान चल रहे थे।
मानसिक तनाव के कारणों का पता लगाने में जुटी पतरातू पुलिस
पतरातू थाना पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से जांच कर रही है। हालांकि शुरुआती पारिवारिक बयानों में मानसिक तनाव और अनिद्रा की बात सामने आ रही है, लेकिन पुलिस घटनाक्रम से जुड़े अन्य कड़ियों को भी जोड़कर देख रही है।
इस होनहार रक्षा कर्मी की असामयिक और दर्दनाक मौत से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
