केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने मंगलवार दोपहर को खलारी के चूरी माइंस क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की मदद से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.026 टन अवैध कोयला जब्त किया है। इस विशेष अभियान के बाद से क्षेत्र में सक्रिय अवैध कोयला तस्करों और अवैध कारोबारियों के बीच भारी हड़कंप मच गया है।
चूरी माइंस क्षेत्र में CISF की बड़ी कार्रवाई, ड्रोन से रखी नजर
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अवैध कोयला चोरी और तस्करी के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में सुरक्षा बलों ने आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए चूरी माइंस और उसके आसपास के इलाकों से 1.026 टन अवैध कोयला बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह विशेष कोल रेड अभियान चूरी माइंस और उसके नजदीकी बैक साइड (पिछला हिस्सा) क्षेत्र में रणनीतिक रूप से चलाया गया। यह लक्षित छापेमारी दोपहर करीब 1:00 बजे शुरू हुई और दोपहर 2:20 बजे तक चली, जिसे उप-समादेष्टा दिनेश कुमार एवं सहायक समादेष्टा मनोहर बरवाहा के सीधे पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया।
सुरक्षा बलों ने जब्त किया चोरी का कोयला, प्रबंधन को सौंपा
सफल छापेमारी के बाद, बरामद किए गए अवैध कोयले का विधिवत वजन कराया गया और पूरी खेप को आधिकारिक तौर पर संबंधित खदान (कोलियरी) प्रबंधन को सौंप दिया गया। इस उच्च स्तरीय छापेमारी दल में निरीक्षक एस.पी. तिग्गा, आर.के. गौतम, उपनिरीक्षक अनिल राय और उपनिरीक्षक अतुल पंत (क्राइम) समेत CISF के कई जवान शामिल रहे।
खलारी क्षेत्र में कोयला तस्करी रोकने के लिए कड़े कदम
भारत मंथन लाइव न्यूज को सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, खलारी और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला कारोबार, चोरी और तस्करी को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति पर काम किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए ड्रोन सर्विलांस, कोल रेड, एम्बुश (घात लगाना) और गुप्त सूचना तंत्र का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर रही हैं।
चूरी खदानों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार की जा रही इस सख्त कार्रवाई के बाद से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े सिंडिकेट में दहशत का माहौल है। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी को रोकने के लिए आने वाले समय में भी ऐसे औचक छापेमारी अभियान और जांच लगातार जारी रहेगी।
