रांची के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा में सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन फैसिलिटी (सीआईएफ) द्वारा आयोजित “समर इंटर्नशिप प्रोग्राम-2026” का उद्घाटन शनिवार, 30 मई को किया गया। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के इंटर्नशिप कार्यक्रम में देशभर से कुल 76 प्रतिभागी शामिल हुए हैं।
बीआईटी मेसरा में राष्ट्रीय स्तर के समर इंटर्नशिप प्रोग्राम का आगाज
रांची के प्रतिष्ठित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा के सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन फैसिलिटी (सीआईएफ) द्वारा आयोजित “समर इंटर्नशिप प्रोग्राम–2026” का भव्य उद्घाटन संस्थान परिसर में शनिवार को किया गया। भारत मंथन लाइव न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डीन ऑफ रिसर्च एंड इनोवेशन प्रोफेसर राजू पोद्दार, डीन फैकल्टी अफेयर्स प्रोफेसर अशोक शरण तथा सीआईएफ के सेक्शन हेड प्रोफेसर शुभेंदु नास्कर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस प्रतिष्ठित ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देशभर के युवा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों तथा आधुनिक अनुसंधान तकनीकों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना है। इस वर्ष आयोजित हो रहे विशेष कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों और हिस्सों से कुल 76 चयनित प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।
उच्च स्तरीय अनुसंधान और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग पर जोर
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डीन ऑफ रिसर्च एंड इनोवेशन प्रोफेसर राजू पोद्दार ने सीआईएफ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सीआईएफ में उपलब्ध उन्नत उपकरण और उनके विविध अनुप्रयोग उच्च स्तरीय अनुसंधान के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। यह आधुनिक तकनीकी ढांचा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई और रचनात्मक दिशा प्रदान करने में सक्षम है।
कार्यक्रम के दौरान डीन फैकल्टी अफेयर्स प्रोफेसर अशोक शरण ने अपने वक्तव्य में कोर्स की विशिष्टताओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सीआईएफ का यह विशेष कार्यक्रम प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, डेटा जनरेशन एवं डेटा इंटरप्रिटेशन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करता है। यही व्यावहारिक दृष्टिकोण इस समर प्रोग्राम को अन्य संस्थानों द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से पूरी तरह अलग और विशिष्ट बनाता है।
एक राष्ट्रीय वैज्ञानिक आयोजन का रूप ले चुका है सीआईएफ कार्यक्रम
सीआईएफ के सेक्शन हेड प्रोफेसर शुभेंदु नास्कर ने कार्यक्रम की सफलता और इसके विस्तार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह इंटर्नशिप कार्यक्रम अब एक व्यापक राष्ट्रीय वैज्ञानिक आयोजन का स्वरूप ले चुका है, जिसने पूरे देश के प्रतिभावान प्रतिभागियों को अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने दोहराया कि सीआईएफ लगातार विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को उत्कृष्ट स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अश्विनी कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं, पूरे कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली मंच संचालन छात्र समन्वयक सुश्री सोनल श्रुति द्वारा किया गया। यह समर इंटर्नशिप कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा शोध एवं नवाचार (इनोवेशन) के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।
