एमएमसीएच में HIV संक्रमित महिला का प्रसव, मंचा हड़कंप

पलामू के मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एचआईवी संक्रमित महिला का सिजेरियन प्रसव कराया गया

पलामू के मेदिनीनगर स्थित मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में सोमवार, 8 जून 2026 को एक एचआईवी संक्रमित महिला के प्रसव का मामला सामने आया है। सदर प्रखंड की महिला और उसके पति द्वारा संक्रमण की जानकारी छिपाकर सिजेरियन प्रसव कराने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एचआईवी पीड़ित महिला का ऑपरेशन, बाद में खुला राज

मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) से एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहाँ अस्पताल के प्रसव वार्ड में एक एचआईवी (HIV) संक्रमित महिला का सिजेरियन प्रसव (ऑपरेशन) कराया गया। इस मामले के सामने आने के बाद चिकित्साकर्मियों के बीच हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पलामू जिले के सदर प्रखंड की रहने वाली एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला और उसके पति दोनों ही पूर्व से एचआईवी संक्रमित थे। आरोप है कि दंपति ने अस्पताल में भर्ती होने के दौरान डॉक्टरों और ऑन-ड्यूटी स्वास्थ्यकर्मियों से अपने संक्रमित होने की बात पूरी तरह छिपाए रखी।

ऑपरेशन के बाद अटेंडेंट ने दी जानकारी, एआरटी के मरीज हैं दंपति

अस्पताल में महिला का सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न करा दिया गया। प्रसव होने के कुछ घंटों के बाद, महिला के साथ आए अटेंडेंट (परिजनों) द्वारा ऑन-ड्यूटी स्वास्थ्यकर्मियों को यह जानकारी दी गई कि महिला एचआईवी पॉजिटिव है। यह सुनते ही अस्पताल प्रबंधन और ऑपरेशन व प्रसव कार्य में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया।

मामले की छानबीन में यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित दंपति पिछले लंबे समय से एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) की दवाएं ले रहे हैं। इसके साथ ही उनके पास स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला संबंधित ग्रीन कार्ड भी पूर्व से उपलब्ध था, जिसे उन्होंने अस्पताल प्रशासन के समक्ष पहले प्रस्तुत नहीं किया था।

नवजात को दी गई जरूरी दवा, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

महिला के संक्रमित होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन तुरंत हरकत में आया। सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए नवजात शिशु को समय रहते ‘नेविरापिन’ (Nevirapine) दवा की खुराक दे दी गई है। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर यह दवा दिए जाने से नवजात में संक्रमण फैलने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा चुका है।

अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में जच्चा (माता) और बच्चा (नवजात) दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा दोनों की सेहत पर लगातार और नियमित रूप से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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