जमीन घोटाले में हेमंत सोरेन को झटका, PMLA कोर्ट ने खारिज की याचिका

रांची की विशेष पीएमएलए अदालत जिसने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है

रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने सोमवार, 8 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ा झटका देते हुए 8.86 एकड़ जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है। खुद को निर्दोष बताते हुए उन्होंने आरोपमुक्त करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।

8.86 एकड़ जमीन घोटाला मामला: आरोपमुक्त करने की मुख्यमंत्री की याचिका खारिज

रांची: झारखंड की राजधानी रांची से इस वक्त की एक बड़ी कानूनी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत से बड़ा झटका लगा है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की विशेष अदालत ने उनकी डिस्चार्ज याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद को निर्दोष बताते हुए 5 दिसंबर 2025 को अदालत के समक्ष एक याचिका दाखिल की थी। इस याचिका के माध्यम से उन्होंने मामले से आरोपमुक्त किए जाने की मांग की थी। हालांकि, विशेष अदालत ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया और याचिका निरस्त कर दी।

अदालत में सुरक्षित फैसला सुनाया गया, अब तय होंगे आरोप

इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें और लंबी बहस सुनने के बाद विशेष पीएमएलए अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश करेगी। इसके तहत अब मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप (फ्रेमिंग ऑफ चार्ज) तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जांच के दौरान ईडी ने की थी छापेमारी और गिरफ्तारियां

उल्लेखनीय है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी ने कई लोगों को समन जारी कर पूछताछ के लिए अपने कार्यालय भी तलब किया था। ईडी की सघन जांच के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इस मामले में कई जमीन कारोबारियों को भी आरोपी बनाया गया है।

31 जनवरी 2024 को हुई थी गिरफ्तारी, बाद में मिली थी जमानत

इस पूरे मामले के घटनाक्रम पर नजर डालें तो 31 जनवरी 2024 को ईडी ने लंबी पूछताछ करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद हेमंत सोरेन सहित कई अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया था। बाद में, 28 जून 2024 को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। ईडी की चार्जशीट में करीब डेढ़ दर्जन लोग आरोपी हैं और अब अदालत में इस मामले की सुनवाई अगले चरण में बढ़ेगी।

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