रांची में मानसून से पहले जलजमाव की स्थिति और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मेयर रोशनी खलखो ने आधी रात को शहर के विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर नालों में कचरा जमा देखकर उन्होंने संबंधित सुपरवाइजरों और एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई।
मानसून से पहले जलजमाव रोकने के लिए मेयर रोशनी खलखो ने संभाला मोर्चा
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में मानसून के आगमन से पहले जलजमाव और लचर सफाई व्यवस्था को लेकर मेयर बेहद सक्रिय नजर आ रही हैं। शहर की प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए मेयर रोशनी खलखो आधी रात को खुद सफाई व्यवस्था का जायजा लेने जमीन पर निकल पड़ीं। इस औचक निरीक्षण के दौरान मेयर ने शहर के विभिन्न प्रमुख और रिहायशी इलाकों का दौरा कर नालों, सड़कों तथा कचरा उठाव कार्यों की वास्तविक स्थिति को देखा।
निरीक्षण के दौरान शहर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में नालों के भीतर भारी मात्रा में जमा गंदगी और कचरा पाया गया। इस अव्यवस्था को देखकर मेयर ने मौके पर ही संबंधित सुपरवाइजरों और जिम्मेदार सफाई एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि नगर निगम की ओर से किसी भी स्तर पर सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नालों की सफाई युद्धस्तर पर करने और समयसीमा का पालन करने के निर्देश
मेयर रोशनी खलखो ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शहर के सभी छोटे और बड़े नालों की सफाई का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी बारिश के दौरान शहर के किसी भी नागरिक को जलजमाव की गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े, इसे प्राथमिकता में रखा जाए। मेयर ने जोर देकर कहा कि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर जवाबदेही तय की जाएगी और तय समयसीमा के भीतर ही सभी नालों की पूरी सफाई सुनिश्चित करनी होगी।
गौरतलब है कि महज दो दिन पहले हुई बारिश के बाद ही राजधानी रांची के कई निचले और प्रमुख इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए थे। सड़कों पर भारी मात्रा में पानी भर जाने के कारण आम लोगों को आवागमन में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई मोहल्लों में जल निकासी की पूरी व्यवस्था चरमरा जाने के बाद रांची नगर निगम की कार्यप्रणाली और मानसून पूर्व की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल उठ रहे थे।
4 करोड़ रुपये के मासिक खर्च के बावजूद गंदगी पर जताई सख्त नाराजगी
आधी रात को किए गए इस निरीक्षण के दौरान मेयर ने विभागीय अधिकारियों से अब तक हुए सफाई कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन वार्डों और क्षेत्रों से जलजमाव की शिकायतें सबसे ज्यादा आ रही हैं, वहां तत्काल विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सफाई कर्मियों की दैनिक उपस्थिति, नियमित कचरा उठाव और नालों की डी-सिल्टिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उल्लेखनीय है कि रांची नगर निगम शहर की मुकम्मल सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर महीने लगभग 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करता है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कई वीआईपी और आम इलाकों में गंदगी तथा जलनिकासी की पुरानी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इस वित्तीय खर्च के बाद भी अव्यवस्था दिखने पर मेयर ने सख्त नाराजगी जताई और पूरे तंत्र में तत्काल सुधार लाने के कड़े निर्देश जारी किए।
