इजराइली सेना ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्ला से जुड़ी संरचनाओं पर बड़ा हवाई हमला किया, जिसके बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार देखा गया। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तरी इजराइल में हिज्बुल्ला द्वारा किए गए हमलों के जवाब में की गई है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया है।
बेरूत में हिज्बुल्ला के ठिकानों पर इजराइली हमला, आसमान में दिखा धुएं का गुबार
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर सैन्य तनाव गंभीर रूप से बढ़ गया है। इजराइल की सेना ने रविवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य निशाना हिज्बुल्ला से जुड़ी संरचनाएं और ठिकाने थे। हवाई हमलों के तुरंत बाद बेरूत के आसमान में धुएं के विशाल गुबार को दूर-दूर से देखा जा सकता था। Bharat Manthan Live News के अनुसार, इस नए हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है।
नेतन्याहू कार्यालय का बयान: उत्तरी इजराइल पर हुए हमलों का दिया जवाब
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि ये हवाई हमले उत्तरी इजराइल में हिज्बुल्ला द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के जवाब में किए गए हैं। इजराइल ने इसे अपनी जवाबी कार्रवाई बताया है।
गौरतलब है कि इजराइल ने जब एक सप्ताह पहले आखिरी बार बेरूत के उपनगरों पर हवाई हमला किया था, तो ईरान ने इसके जवाब में सीधे इजराइल पर पलटवार करते हुए हमले किए थे। इन सिलसिलेवार घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते और हिज्बुल्ला की कार्रवाई पर टिकी नजरें
हिज्बुल्ला का मुख्य समर्थक माने जाने वाले देश ईरान ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपना रुख स्पष्ट किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते के तहत लेबनान में किसी भी तरह के इजराइली हमलों को भी पूरी तरह से रोका जाना शामिल होना चाहिए।
इससे पहले, हिज्बुल्ला ने दो मार्च को इजराइल की सीमा के भीतर कई मिसाइलें दागी थीं। हिज्बुल्ला की ओर से इन मिसाइल हमलों को उस समय अंजाम दिया गया था, जब उसके ठीक दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर सैन्य हमले किए थे। क्षेत्र में जारी इस जवाबी चक्र के कारण शांति की कोशिशों को लगातार झटका लग रहा है।
