असम के तिनसुकिया जिले में पुलिस ने नागरिक ठिकानों पर हमले की योजना बना रहे प्रतिबंधित संगठन ULFA(I) के दो दुर्दांत उग्रवादियों को भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है, जिससे एक बड़ा आतंकी हमला टल गया है।
म्यांमार से अरुणाचल के रास्ते असम में घुसे थे उग्रवादी, तिनसुकिया पुलिस ने नाकाम की साजिश
तिनसुकिया: असम के तिनसुकिया जिले में पुलिस ने एक बड़े आतंकवादी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन उल्फा (इंडिपेंडेंट) यानी ULFA(I) के दो सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है, जो स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाकर बड़े हमले की फिराक में थे।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तिनसुकिया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मयांक कुमार झा ने गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान साझा की। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में ‘सेल्फ-स्टाइल सेकंड लेफ्टिनेंट’ सियोर असोम उर्फ हुमेनज्योति बरुआ और मनोज असोम उर्फ पप्पू मोरान शामिल हैं। ये दोनों आरोपी तिनसुकिया जिले के ही मूल निवासी हैं।
सुरक्षाबलों पर पहले भी कर चुके हैं हमले, भारी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों उग्रवादी इससे पहले काकोपाथर और जगुन में सुरक्षाबलों पर हुए हमलों में भी सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के मुताबिक, ये उग्रवादी म्यांमार से अरुणाचल प्रदेश के रास्ते असम की सीमा में दाखिल हुए थे। इनके पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।
एसएसपी मयांक कुमार झा ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों ULFA(I) कैडरों को तिनसुकिया शहर में तबाही मचाने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इन दोनों कैडरों को तिनसुकिया शहर में निर्दोष लोगों को निशाना बनाने और आतंक का माहौल पैदा करने के लिए अंधाधुंध हत्याएं करने का काम सौंपा गया था।
विदेशी ताकतों का हाथ होने की आशंका, पुलिस की बड़ी कामयाबी
एसएसपी झा ने मामले में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उग्रवादियों के काम करने के तरीके (Modus Operandi) से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि इस क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए बाहरी या विदेशी ताकतों का प्रभाव काम कर रहा है।
दोनों उग्रवादियों की गिरफ्तारी शुक्रवार शाम को असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास जगुन इलाके में एक विशेष पुलिस अभियान के दौरान की गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो AK-56 राइफलें, 172 राउंड जिंदा कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, आपातकालीन दवाएं, जंगलों में लंबे समय तक रहने के लिए खाद्य सामग्री, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और एक चार पहिया वाहन बरामद किया है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भारत मंथन लाइव न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत की गई है।
