छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस

रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति पर बैठक करते कांग्रेस नेता चरणदास महंत।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी 14 जुलाई को राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के निवास पर हुई विधायक दल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विपक्ष का आरोप है कि विष्णु देव साय सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है।

साय सरकार के खिलाफ विपक्ष की बड़ी रणनीति, 14 जुलाई को पेश होगा प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 14 जुलाई को कांग्रेस पार्टी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी। रायपुर में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के सरकारी आवास पर आयोजित कांग्रेस विधायक दल की दो घंटे लंबी बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इस बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित वरिष्ठ नेताओं ने एक अलग रणनीतिक बैठक कर सत्र का पूरा रोडमैप तैयार किया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को मौजूदा सरकार पर कोई भरोसा नहीं रह गया है क्योंकि यह सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रही है।

वादों से मुकर जाने और भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

भारत मंथन लाइव न्यूज़ के अनुसार, चरणदास महंत ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ एक राजनीतिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनता के टूटे हुए भरोसे और बढ़ते आक्रोश की आवाज है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के बड़े-बड़े वादे अब पूरी तरह झूठे साबित हो चुके हैं।

“राज्य में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट तथा प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रही है। सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है, इसलिए विपक्ष अब विधानसभा में सरकार की जवाबदेही तय करेगा।” – चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष

बिजली संकट और नक्ति गांव के मुद्दे पर घेराव की तैयारी

विपक्ष ने मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए प्रमुख मुद्दों की सूची फाइनल कर ली है। कांग्रेस बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी। इसके साथ ही बैठक में नक्ति गांव का मामला भी प्रमुखता से उठा, जिस पर पार्टी ने विधानसभा में काम रोको (स्थगन) प्रस्ताव लाने का फैसला किया है ताकि इस पर तत्काल चर्चा कराई जा सके।

महंत ने चेतावनी दी कि कांग्रेस नक्ति गांव के मुद्दे को किसी भी कीमत पर दबने नहीं देगी और इसके लिए सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन भी किया जा सकता है। हालांकि मानसून सत्र केवल पांच दिनों का है, लेकिन विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह सरकार को बिल्कुल भी राहत नहीं देगा और हर दिन नए मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि यदि सदन में जनता की आवाज नहीं सुनी गई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन को और तेज करेगी।

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