सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के तुलसियाही गांव में किराना दुकानदार रोहित कुमार के तीनों बच्चों—रजनीश कुमार, साक्षी कुमारी और प्रहलाद कुमार—ने एक साथ राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) उत्तीर्ण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। तीनों ने सहरसा में रहकर ही परीक्षा की तैयारी की।
सहरसा में किराना दुकानदार के तीन बच्चों ने एक साथ पास की NEET परीक्षा
सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के तुलसियाही गांव के एक साधारण परिवार ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गांव में छोटी-सी किराना दुकान चलाने वाले रोहित कुमार के तीनों बच्चों—रजनीश कुमार, साक्षी कुमारी और प्रहलाद कुमार—ने एक साथ राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है।
विशेष बात यह रही कि तीनों भाई-बहनों ने कोटा या पटना जैसे बड़े शहरों का रुख किए बिना सहरसा में रहकर ही परीक्षा की तैयारी की और सफलता प्राप्त की।
NEET परीक्षा में तीनों भाई-बहनों का प्रदर्शन
रजनीश कुमार ने तीसरे प्रयास में हासिल की शानदार रैंक
रजनीश कुमार ने अपने तीसरे प्रयास में 633 अंक प्राप्त किए। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 3122 और ओबीसी श्रेणी में 1173वीं रैंक मिली। उनका कुल परसेंटाइल 99.8425917 रहा।
साक्षी कुमारी ने भी तीसरे प्रयास में दर्ज की सफलता
साक्षी कुमारी ने तीसरे प्रयास में 601 अंक हासिल किए। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 9762 तथा ओबीसी श्रेणी में 4340वीं रैंक प्राप्त हुई। उनका कुल परसेंटाइल 99.5092242 रहा।
प्रहलाद कुमार ने पहले ही प्रयास में किया चयन
सबसे छोटे भाई प्रहलाद कुमार ने पहले प्रयास में 565 अंक प्राप्त किए। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 26751 और ओबीसी श्रेणी में 12878वीं रैंक मिली। उनका कुल परसेंटाइल 98.6615297 रहा।
गांव में हुई प्रारंभिक शिक्षा
तीनों भाई-बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही प्राप्त की। रजनीश कुमार और साक्षी कुमारी ने सीबीएसई बोर्ड से मैट्रिक तथा बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। वहीं, प्रहलाद कुमार ने मैट्रिक और इंटर दोनों परीक्षाएं बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण कीं।
परिवार ने शिक्षा में नहीं आने दी कोई कमी
परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद पिता रोहित कुमार ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। माता पूनम देवी ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों की मेहनत पर पूरा भरोसा था और आज उनकी मेहनत का परिणाम सभी के सामने है।
भविष्य को लेकर तीनों भाई-बहनों के लक्ष्य
प्रहलाद कुमार ने समय पर परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों का भरोसा मजबूत होता है। उन्होंने भविष्य में ऑर्थोपेडिक सर्जन बनकर समाज की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की।
साक्षी कुमारी ने बताया कि उन्होंने सहरसा में रहकर स्थानीय प्रगति क्लासेज कोचिंग सेंटर और स्वाध्याय के माध्यम से तैयारी की। उनका लक्ष्य बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) बनना है।
रजनीश कुमार ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आर्थिक अभाव कभी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकता। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो स्थानीय स्तर पर रहकर भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
गांव में खुशी का माहौल
तीनों भाई-बहनों की सफलता के बाद तुलसियाही गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने परिवार को बधाई देते हुए इसे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
