रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत छत्तीसगढ़ के पंजीकृत श्रमिकों को प्रति वर्ष 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है। साथ ही दैनिक मजदूरी में ₹39 की बढ़ोतरी कर इसे ₹300 प्रतिदिन कर दिया गया है।
रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की योजना के क्रियान्वयन की घोषणा
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य में ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारियां साझा कीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से लागू हुई यह महत्वाकांक्षी योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और कृषि आजीविका को सशक्त बनाने का प्रमुख जरिया बनेगी।
योजना के लिए ₹6,855 करोड़ का बजट, दैनिक मजदूरी ₹300 तय
मुख्यमंत्री के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में योजना के संचालन हेतु राज्य के अंश सहित कुल ₹5,191 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व शुरुआती तीन महीनों में ₹1,264 करोड़ के रोजगार गारंटी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष के लिए कुल ₹6,855 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा प्रथम किस्त के रूप में ₹1,538.93 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। योजना के तहत मजदूरों की दैनिक मजदूरी ₹39 बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दी गई है।
गांवों में कराए जाएंगे 318 प्रकार के विकास कार्य
इस योजना के तहत गांवों में कुल 318 श्रेणियों के कार्य कराए जाएंगे। इनमें जल सुरक्षा और संरक्षण के 107 काम, ग्रामीण अधोसंरचना के 90 काम, आजीविका संवर्धन के 86 काम तथा आपदा प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलन से जुड़े 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं।
कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए वर्ष में दो महीने यह योजना बंद रहेगी, ताकि खेती-किसानी के लिए पर्याप्त मजदूर उपलब्ध रह सकें।
15 अगस्त से शुरू होंगे 3 बड़े विशेष अभियान
राज्य सरकार ने 26 जनवरी 2027 तक तीन प्रमुख अभियानों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है:
- मेरी बेटी मेरा अभिमान: 15 अगस्त से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत 6,671 सरकारी स्कूलों में ₹286.85 करोड़ की लागत से बालिका शौचालयों का निर्माण होगा।
- मुक्तिधाम एवं शेड निर्माण: ₹18.22 करोड़ की लागत से प्रदेश के गांवों में 6,534 मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।
- मोर गांव मोर पानी: ₹52.14 करोड़ की लागत से 10,027 सूखे हैंडपंपों को रिचार्ज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मजदूरी भुगतान में विलंब न हो, इसके लिए अग्रिम बजट उपलब्ध है। पूर्व के ₹450 करोड़ के बकाया में से ₹395 करोड़ जारी कर दिए गए हैं और शेष बकाया एक सप्ताह में चुकता कर दिया जाएगा।
