रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में तेलीबांधा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। विश्वविद्यालय के यूजी परीक्षा प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे की रिपोर्ट पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम और बीएनएस की धारा 316 के तहत मामला दर्ज किया है।
परीक्षा से पहले वायरल हुआ कीटशास्त्र का प्रश्नपत्र रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में गुरुवार को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर के विषय AENT-221 (कीटशास्त्र) की परीक्षा आयोजित होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक हो गया, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कवर्धा और बिलासपुर से लीक की मिली सूचना मामले की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कवर्धा कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय को पेपर लीक की सूचना दी। जांच में पाया गया कि कवर्धा और बिलासपुर से जुड़े ई-मेल तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रश्नपत्र वायरल होने की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची थी।
ई-मेल और व्हाट्सऐप चैट के जरिए खुलासा विश्वविद्यालय रिकॉर्ड के मुताबिक, 20 अगस्त 2026 की सुबह श्याम श्रोता पंडा के व्यक्तिगत ई-मेल से लीक की जानकारी भेजी गई थी। इसके बाद यूजी परीक्षा प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे को सुबह 8:54 बजे ई-मेल मिला। इसके साथ ही छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी अधिकारियों को व्हाट्सऐप पर वायरल हो रहे सवालों और चैट के स्क्रीनशॉट सौंपे।
कीटशास्त्र की परीक्षा तत्काल प्रभाव से निरस्त सूचना मिलने पर गठित आंतरिक जांच समिति ने उपलब्ध तथ्यों और वायरल सामग्री का परीक्षण किया। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय ने AENT-221 (कीटशास्त्र) की परीक्षा को तुरंत निरस्त करने का फैसला लिया।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई तेलीबांधा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ, इसे किसने आगे शेयर किया और इसमें कौन-कौन शामिल हैं।
